नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने और भूटान में पनबिजली परियोजनाओं के विकास पर विस्तृत चर्चा हुई।
बिजली मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दोनों देशों ने 1,020 मेगावाट की पुनात्संगछू-2 पनबिजली परियोजना के लिए बिजली निर्यात शुल्क से जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना से अतिरिक्त बिजली का भारत को निर्यात 19 सितंबर, 2025 से शुरू हो चुका है।
मंत्री ने बताया कि वह 10 अप्रैल को अपने भूटानी समकक्ष के साथ 1,200 मेगावाट की पुनात्संगछू-1 पनबिजली परियोजना के बांध निर्माण कार्य की शुरुआत के साक्षी बनेंगे।
मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऊर्जा सहयोग भारत और भूटान के संबंधों का एक मुख्य स्तंभ है।
मनोहर लाल ने भूटान नरेश को वहां के प्रधानमंत्री और ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेतृत्व के साथ हुई अपनी रचनात्मक चर्चा से अवगत कराया, जिसका मुख्य उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का और अधिक विस्तार करना था।
केंद्रीय बिजली तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल बृहस्पतिवार से भूटान की चार दिन की यात्रा पर हैं।
भाषा सुमित अजय
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