नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) भारत का ऑनलाइन खुदरा बाजार वर्ष 2025 में 19-21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ करीब 65-66 अरब डॉलर हो गया। एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है।
प्रबंधन सलाहकार फर्म बेन एंड कंपनी और ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट की भारत में खरीदारी के रुझानों पर केंद्रित इस साझा रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन खुदरा बाजार अगर 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ता रहता है तो 2030 तक यह 170-180 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चंद मिनट में आपूर्ति वाले क्विक-कॉमर्स खंड में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनकर उभरा है और ई-कॉमर्स के कुल सकल उत्पाद मूल्य (जीएमवी) का 16-17 प्रतिशत हिस्सा इसी खंड से आता है।
क्विक कॉमर्स खंड 2025 में 10-11 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और 2030 तक इसके 65-70 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है।
इस अवधि में कुल ऑनलाइन खुदरा कारोबार वृद्धि में 45-50 प्रतिशत योगदान इसी खंड से आने की उम्मीद है, जबकि पारंपरिक ई-कॉमर्स का बाजार में 60-65 प्रतिशत हिस्सा बना रहेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई में नरमी, कर राहत और ब्याज दरों में कमी से खपत बढ़ी है। निजी खपत वृद्धि 2022-24 के आठ प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 10.5 प्रतिशत हो गई।
देश के करीब 30 करोड़ उपभोक्ताओं ने 2025 में ऑनलाइन खरीदारी की। इसमें जेन-जी युवाओं की हिस्सेदारी 40-45 प्रतिशत है, जो कुल नए ऑर्डर में लगभग 50 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं।
इसके अलावा दूसरी श्रेणी एवं उससे छोटे शहरों का योगदान भी बढ़कर 2025 में कुल नए ऑर्डर का करीब 50 प्रतिशत हो गया।
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प्रेम अजय
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