एआई, ऊर्जा बौद्धिकता में वैश्विक नवाचार का नेतृत्व कर सकता है भारत: श्नाइडर इलेक्ट्रिक सीईओ

एआई, ऊर्जा बौद्धिकता में वैश्विक नवाचार का नेतृत्व कर सकता है भारत: श्नाइडर इलेक्ट्रिक सीईओ

एआई, ऊर्जा बौद्धिकता में वैश्विक नवाचार का नेतृत्व कर सकता है भारत: श्नाइडर इलेक्ट्रिक सीईओ
Modified Date: February 19, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: February 19, 2026 4:53 pm IST

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) श्नाइडर इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ओलिवियर ब्लम ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत एक ऐसे नए चरण में प्रवेश कर रहा है जहां वह वैश्विक नवाचार का नेतृत्व कर सकता है, विशेष रूप से कृत्रिम मेधा (एआई) और ऊर्जा बौद्धिकता के क्षेत्र में।

यहां ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग के मजबूत समर्थन के साथ भारत में अगली प्रौद्योगिकी क्रांति के केंद्र में रहने की क्षमता है।

उन्होंने भारत की चुनौती और सफलता को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘यदि आप भारत की जटिलताओं को सुलझा लेते हैं, तो आप दुनिया में कहीं भी सफल हो सकते हैं।’’

श्नाडर इलेक्ट्रिक के सीईओ ने कहा कि भारत लागत दक्षता, नवाचार और इंजीनियरिंग प्रतिभा का एक बेहतरीन तालमेल पेश करता है, जो इसे वैश्विक एआई क्रांति का एक प्रमुख केंद्र बनाता है।

ब्लम ने भारतीय रचनात्मकता का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं भारत में नवाचार के स्तर को जानता हूं, जिसे कुछ लोग ‘जुगाड़’ भी कहते हैं। लेकिन भारत में सृजनात्मकता का जो स्तर है, उससे इस धरती की सबसे जटिल समस्याओं को सुलझाने वाली नयी प्रणालियां तैयार की जा सकती हैं।’’

उन्होंने बताया कि श्नाइडर इलेक्ट्रिक के लिए भारत केवल एक बाजार नहीं है; यह वैश्विक स्तर पर कंपनी का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। यहां उनके सबसे अधिक कर्मचारी (40,000) हैं और कंपनी का सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र भी यहीं है, जिसमें 8,000 इंजीनियर कार्यरत हैं।

भाषा

सुमित अजय

अजय


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