वाशिंगटन, 27 अगस्त (भाषा) भारत और कनाडा सीमापार धन भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे कनाडा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे चार लाख से अधिक भारतीय छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टोरंटो में कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांसुआ-फिलिप शांपेन के साथ पहले आर्थिक एवं वित्तीय संवाद के बाद संवाददाताओं से कहा कि दोनों देश इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि डिजिटल प्रौद्योगिकी किस तरह एक-दूसरे के लिए उपयोगी हो सकती है।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान करने में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के भारत के अनुभव का उल्लेख किया।
सीतारमण ने कहा, ‘‘हम बातचीत कर रहे हैं। हमारी टीमें आगे भी बातचीत करेंगी और ऐसी सभी व्यवस्थाओं को अपनाएंगी, जो आसान भुगतान और सीमापार धन प्रेषण में मदद करें।’’
इस मौके पर कनाडा के वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय सेवा क्षेत्र दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से सबसे अधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों में से एक है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम करीबी सहयोग करना चाहते हैं। हम भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते हैं, खासकर छात्रों के लिए।’’
शांपेन ने कहा कि कनाडा में करीब चार लाख भारतीय छात्र हैं और प्रति छात्र करीब 45,000 कनाडाई डॉलर का धन भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के वित्त मंत्री इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि धनप्रेषण में आसानी से कनाडा में पढ़ रहे बच्चों के भारत में रह रहे माता-पिता को भी सहूलियत होगी।
सीतारमण कनाडा और अमेरिका की अपनी आठ दिवसीय यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को टोरंटो पहुंचीं। यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेंगी।
अमेरिका में सीतारमण उत्तरी कैरोलिना के एशविल में होने वाली जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी और कई द्विपक्षीय तथा कारोबारी बैठकों में भी शामिल होंगी।
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प्रेम अजय
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