Dhar Bhojshala Case Decision: कई दिनों की बहस.. ASI के सर्वे और वकीलों की दलीलें! धार भोजशाला विवाद में कल आएगा हाईकोर्ट का फैसला, जानिए क्या-क्या है हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावे

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कई दिनों की बहस.. ASI के सर्वे और वकीलों की दलीलें! धार भोजशाला विवाद में कल आएगा हाईकोर्ट का फैसला, Indore High Court Decision Dhar Bhojshala Case

  • Reported By: Anshul Mukati

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 12:43 AM IST

इंदौर। Dhar Bhojshala Case Decision: मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला–कमला मौला मस्जिद के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. हाईकोर्ट ने 12 मई को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ कल इस प्रकरण में अंतिम निर्णय सुनाएगी।

Dhar Bhojshala Case Decision: यह याचिका वर्ष 2022 में हिंदू पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई थी। याचिका में भोजशाला परिसर से जुड़े धार्मिक अधिकारों और व्यवस्थाओं को लेकर कई मांगें उठाई गई थीं। करीब चार वर्षों तक चले इस कानूनी विवाद के बाद अब फैसला आने जा रहा है। इस दौरान मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से लगातार कानूनी और सामाजिक गतिविधियां जारी रहीं। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद मामले की नियमित सुनवाई 6 अप्रैल से शुरू हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई हुई और सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है बता दें कि भोजशाला मामला लंबे समय से संवेदनशील और चर्चित विषय बना हुआ है। फैसले को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

भोजशाला सुनवाई के प्रमुख बिंदु

  • 12 मई 2026, मंगलवार को इंदौर में भोजशाला प्रकरण की सुनवाई उच्च न्यायालय में पूरी हुई।
  • वर्ष 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा उच्च न्यायालय इंदौर में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर हिंदू समाज के पूर्ण आधिपत्य के लिए याचिका क्रमांक 10497/ 2022 लगाई गई थी
  • इसी प्रकरण में आगे चलकर वर्ष 2024 में भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया
  • वर्ष 2026 में 23 जनवरी,शुक्रवार वसंत पंचमी के अवसर पर दिनभर अबाधित पूजा अर्चना हेतु सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश इसी प्रकरण में दिया गया था
  • भोजशाला प्रकरण की सुनवाई 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में निरंतर जारी थी
  • अप्रैल 2026 से 9 अप्रैल 2026 तक हिंदू पक्ष की ओर से तर्क रखे गए
  • इसके पश्चात मुस्लिम पक्ष एवं अन्य पक्षों द्वारा तर्क रखे गए
  • इस मुख्य याचिका के साथ ही चार अन्य याचिका और एक अपील भी क्लब थी जिनकी भी सुनवाई पूरी हो गई हैं

हिंदूओं की याचिका की प्रमुख मांगे

  • हिंदू समाज को भोजशाला में अनुच्छेद 25 के अनुसार पूजा का अधिकार मिले तथा मुस्लिम समाज को भोजशाला परिसर में किसी भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जावे।
  • केंद्र सरकार को आदेशित किया जावे कि भोजशाला हेतु एक ट्रस्ट बनाया जावे जिससे कि भोजशाला का संचालन एवं प्रबंध किया जा सके।
  • इसी ट्रस्ट को यह आदेशित किया जावे कि माँ सरस्वती की प्रतिमा की पूजा एवं अर्चना निर्बाध रूप से कराई जावे।
  • भोजशाला परिसर में मुस्लिम समाज द्वारा की जा रही नमाज बंद हो।
  • भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को निरस्त किया जावे एवं हिंदू समाज को नियमित प्रतिदिन पूजा करने का अधिकार मिले।
  • ब्रिटिश म्यूजियम में रखी माँ वाग्देवी की प्रतिमा को पुनः वापस लाया जावे एवं भोजशाला धार में स्थापित किया जावे।

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