नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिटेन के हाल के इस्पात संरक्षण उपाय से उत्पन्न मुद्दों से निपटने के लिए भारत और ब्रिटेन ‘विशिष्ट एवं रचनात्मक समाधान’ तलाश रहे हैं ताकि प्रस्तावित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) को जल्द लागू किया जा सके।
दोनों देशों ने 24 जुलाई 2025 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
सचिव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इसे लागू करने के बहुत करीब हैं। जैसा कि आप जानते हैं, कुछ अड़चनें हैं। ब्रिटेन हाल ही में एक इस्पात उपाय लेकर आया है जिसे भारत-ब्रिटेन समझौते की वार्ता के दौरान ध्यान में नहीं रखा गया था। हम इस इस्पात उपाय पर भी एक विशिष्ट, रचनात्मक समाधान खोजने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि भारत-ब्रिटेन सीईटीए को जल्द लागू किया जा सके।’’
ब्रिटेन एक जुलाई 2026 से शुल्क-मुक्त इस्पात आयात पर सीमा लागू करेगा जिससे कुल कोटा मात्रा इस्पात संरक्षण उपाय की तुलना में 60 प्रतिशत कम हो जाएगी। इन स्तरों से अधिक आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। यह उपाय उन इस्पात उत्पादों के आयात पर लागू होगा जिनका उत्पादन ब्रिटेन में भी किया जा सकता है।
भाषा निहारिका रमण
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