इंडियन बैंक का दूसरी तिमाही में 412 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

इंडियन बैंक का दूसरी तिमाही में 412 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

इंडियन बैंक का दूसरी तिमाही में 412 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: October 22, 2020 3:09 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में 412 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ कमाया है। शुल्क आय बढ़ने और डूबा कर्ज घटने से बैंक ने अच्छा मुनाफा अर्जित किया है।

इंडियन बैंक में एक अप्रैल 2020 से इलाहाबाद बैंक का विलय हुआ है।

एक साल पहले समान तिमाही में विलय वाली इकाई को 1,755 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि विलय से पहले पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने 358.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

इंडियन बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पद्मजा चुंदुरू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तिमाही के दौरान हमने सभी प्रमुख मापदंडों पर सुधार दर्ज किया है। संपत्ति की गुणवत्ता से लेकर पूंजी तथा अन्य अनुपात मसलन संपत्ति पर रिटर्न बेहतर रहा। दूसरी तिमाही में बैंक की स्थिति काफी अच्छी रही।’’

उन्होंने कहा कि दोनों बैंकों के विलय से कई लाभ हुए है। इलाहाबाद बैंक का सांविधिक तरलता अनुपात (एचएलआर) पोर्टफोलियो काफी बड़ा है। इसके अलावा उनका चालू खाता बचत खाता (कासा) अनुपात भी काफी ऊंचा है। इनसे ब्याज खर्च के मोर्चे पर लाभ हुआ है।

तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय (ब्याज आय में से ब्याज खर्च को घटाकर) 32 प्रतिशत बढ़कर 4,144 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 3,139 करोड़ रुपये थी। इसी तरह बैंक का घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन 0.39 प्रतिशत बढ़कर 3.06 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 2.67 प्रतिशत था।

दूसरी तिमाही में बैंक की गैर-ब्याज आय 29 प्रतिशत बढ़कर 1,611 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। शुल्क आय 29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 516 करोड़ से 665 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

तिमाही के दौरान कुल ऋण पर बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) 9.89 प्रतिशत रहीं। इस दौरान बैंक शुद्ध एनपीए सुधरकर 2.96 प्रतिशत रह गया।

चुंदुरू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में सकल एनपीए 10 प्रतिशत से कम और शुद्ध एनपीए तीन प्रतिशत से कम रहेगा।

तिमाही के दौरान डूबे कर्ज और अन्य आकस्मिक खर्च के लिए बैंक का प्रावधान 2,583 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान तिमाही में 3,890 करोड़ रुपये था।

भाषा अजय अजय शरद

शरद


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