नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) संयुक्त राष्ट्र निकाय अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के अध्ययन समूह ने 6जी प्रौद्योगिकी के तहत व्यापक कवरेज के भारत के दृष्टिकोण को जिनेवा में आयोजित अपनी बैठक में स्वीकार कर लिया है। इस कदम से अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के उपयोग की लागत कम होने की उम्मीद है।
आईटीयू के पास अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार मानकों को विकसित करने की जिम्मेदारी है।
बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘मौजूदा बैठक में, कुछ सदस्य देशों के प्रतिरोध के प्रयासों के बावजूद दूरसंचार विभाग ‘व्यापक संपर्क सुविधा’ को सफलतापूर्वक शामिल कराने में सफल रहा।’’
जिनेवा में 25-26 सितंबर, 2023 को आयोजित आईटीयू अध्ययन समूह (एसजी-5) की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया।
आईएमटी 2030, को 6जी के नाम से भी जाना जाता है। इसे आईटीयू-आर अध्ययन समूह 5 से जुड़ा कार्यकारी समूह विकसित कर रहा है।
आईटीयू सदस्य सत्य एन गुप्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ भारत का 6जी के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है।
भाषा रमण अजय
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