मुंबई, आठ जून (भाषा) भारत का चालू खाता अधिशेष वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.1 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.7 प्रतिशत रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी।
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में चालू खाता अधिशेष 13.7 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 1.4 प्रतिशत था।
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान चालू खाते पर घाटा रहा और यह 25.2 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 0.6 प्रतिशत रहा। जबकि 2024-25 में यह 22.9 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 0.6 प्रतिशत था।
आरबीआई के वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान भारत के भुगतान संतुलन पर जारी आंकड़ों के अनुसार, ‘‘शुद्ध सेवा प्राप्तियां वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बढ़कर 60.4 अरब डॉलर हो गईं, जो एक वर्ष पहले 53.3 अरब डॉलर थीं।’’
कंप्यूटर सेवाओं और अन्य व्यावसायिक सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवाओं के निर्यात में सालाना आधार पर वृद्धि हुई है।
वहीं दूसरी ओर 2025-26 की चौथी तिमाही में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 83.4 अरब डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 59.3 अरब डॉलर था।
भाषा यासिर रमण
रमण