चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का डीओसी निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 9.57 लाख टन पर

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का डीओसी निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 9.57 लाख टन पर

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का डीओसी निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 9.57 लाख टन पर
Modified Date: September 10, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: September 10, 2026 7:51 pm IST

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) सोयाबीन डीओसी के निर्यात की खेप में भारी गिरावट के कारण भारत का डी-आयल्ड केक या तेल रहित खल (डीओसी) निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत घटकर 9.57 लाख टन रह गया। उद्योग के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि जून, 2026 में डीओसी का निर्यात 31 प्रतिशत घटकर 2,17,757 टन रह गया, जबकि एक साल पहले यह 3,13,404 टन था।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में डीओसी का कुल निर्यात 9,57,224 टन रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 10,94,593 टन था।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सोयाबीन डीओसी का निर्यात 66 प्रतिशत घटकर 1,69,502 टन रह गया, जो एक साल पहले 4,93,439 टन था।

एसईए ने बताया, ‘‘दक्षिण अमेरिकी प्रतिस्पर्धियों (अर्जेंटीना और ब्राजील) से सस्ती आपूर्ति की तुलना में भारतीय सोयाबीन डीओसी को वैश्विक स्तर पर कीमतों के मामले में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, जिससे कुल निर्यात की मात्रा कम हो गई।’’

एसोसिएशन ने निर्यात में गिरावट का कारण घरेलू स्तर पर ऊंची कीमतों और पशु आहार व पशुपालन क्षेत्र से स्थानीय मांग में तेजी को भी बताया।

एसईए ने कहा, ‘‘लाल सागर में जहाज की आवाजाही में लगातार रुकावट और माल ढुलाई के ऊंचे खर्चों का असर कुल कृषि निर्यात से होने वाली कमाई पर पड़ता रहा…।’’

अप्रैल-जून, 2026 के दौरान, चीन, बांग्लादेश और वियतनाम भारतीय डीओसी के प्रमुख आयातक देश बनकर उभरे।

चीन ने अप्रैल-जून, 2026 के दौरान 3,13,384 टन डीओसी का आयात किया, जबकि एक साल पहले यह 1,87,361 टन था। बांग्लादेश ने 1,43,013 टन का आयात किया, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 1,26,351 टन था।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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