बीजिंग, 14 जनवरी (भाषा) चीनी सीमा शुल्क ने बुधवार को यहां जारी वार्षिक व्यापार आंकड़ों में बताया कि चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में 2025 के दौरान सालाना आधार पर 5.5 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि इस अवधि में व्यापार घाटा 116.12 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
आंकड़ों के मुताबिक 2025 में द्विपक्षीय व्यापार भी 155.62 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
चीन को होने वाला भारतीय निर्यात पिछले साल जनवरी से दिसंबर के बीच बढ़कर 19.75 अरब डॉलर हो गया। यह 9.7 प्रतिशत की वृद्धि है, जो राशि के मामले में 5.5 अरब डॉलर बैठती है।
वहीं दूसरी ओर, भारत को होने वाला चीनी निर्यात पिछले वर्ष 12.8 प्रतिशत बढ़कर 135.87 अरब डॉलर हो गया।
दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आ रही है और कुल द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 155.62 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान दोनों देशों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुल्क में की गई वृद्धि का सामना करना पड़ा।
हालांकि चीन के साथ व्यापार घाटा भारत के लिए एक समस्या बना हुआ है और यह पिछले साल 116.12 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वर्ष 2023 के बाद यह दूसरी बार है, जब व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के पार गया है।
साल 2024 में व्यापार घाटा 99.21 अरब डॉलर था, जिसमें चीन का निर्यात कुल 113.45 अरब डॉलर था और चीन को होने वाला भारत का निर्यात 14.25 अरब डॉलर पर स्थिर था। चीन के वार्षिक व्यापार आंकड़े जनवरी से दिसंबर तक की अवधि दर्शाते हैं, जबकि भारत अपने आंकड़े मार्च से अप्रैल (वित्त वर्ष) के आधार पर जारी करता है।
भाषा पाण्डेय रमण
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