नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप आईएनईआरए क्रॉप साइंस और क्रॉपएनएक्सटी सॉल्यूशंस ने पांच पूर्वी राज्यों के लघु किसानों तक जैव आधारित कृषि उत्पाद पहुंचाने के लिए बहुवर्षीय रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कंपनियों ने बयान में कहा कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के लिए की गई है। समझौते की अवधि के दौरान 5,000 से अधिक खुदरा विक्रेताओं और वितरण साझेदारों के नेटवर्क के जरिये करीब 65 लाख किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
समझौते के तहत आईएनईआरए मिट्टी के सूक्ष्मजीवों और प्राकृतिक पोषक चक्रों से तैयार अपने जैव आधारित कृषि उत्पादों की आपूर्ति करेगी, जबकि क्रॉपएनएक्सटी क्षेत्र में अपने मौजूदा खुदरा तथा डीलर नेटवर्क के माध्यम से उनका वितरण करेगी।
कंपनियों का लक्ष्य लगभग 20 लाख एकड़ कृषि भूमि में जैव आधारित कृषि उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना है। इस साझेदारी से करीब 500 करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना है, जो भारत में विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधानों के लिए मौजूद बड़े बाजार अवसर को दर्शाती है।
आईएनईआरए क्रॉप साइंस के संस्थापक अगम खरे ने कहा, ‘‘ भारतीय लघु किसान जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को पहले ही खेतों में गर्मी के बढ़ते दबाव, कीटों के प्रकोप और कृषि लागत में वृद्धि के रूप में महसूस कर रहे हैं। क्रॉपएनएक्सटी के साथ यह साझेदारी इस विश्वास को बड़े पैमाने पर किसानों तक पहुंचाने का प्रयास है।’’
क्रॉपएनएक्सटी के संस्थापक अजीत सिंह चाहल ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी के मौजूदा वितरण नेटवर्क के माध्यम से ‘‘ विज्ञान आधारित और टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराएगी, जो आज की जरूरत भी हैं और भविष्य की कृषि के लिए भी अनिवार्य हैं।’’
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