AI-generated award for PM Modi: सेशेल्स ने पीएम मोदी को एआई जनरेटेड अवॉर्ड से किया सम्मानित? विपक्षी नेताओं ने शेयर की तस्वीर, कई जगह गतल स्पेलिंग / AI Generated
नई दिल्ली: AI-generated award for PM Modi प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दिनों सेशेल्स के दौरे पर हैं। सेशेल्स प्रवास के दौरान पीएम मोदी को को रविवार को यहां सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया। यह किसी विदेशी देश से उन्हें मिला 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए सेशेल्स का धन्यवाद किया और इसे उन देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान प्राप्त करने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मुझे ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित करने के लिए सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति हर्मिनी का हृदय से आभारी हूं।’’ लेकिन अब ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस सहित कई नेताओं ने दावा किया जा रहा है कि सेशेल्स की ओर से पीएम मोदी को एआई जनरेटेड अवॉर्ड दिया गया है।
The world has figured Modi out.
Give him any award, and he’ll come running.
Seychelles approved a brand-new award – ‘Guardian of the Blue Horizon’ – just four days ago.
It had never been given to anyone before Modi. They were in such a tearing hurry that they even got the… pic.twitter.com/dKpNt3SCJp
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) June 28, 2026
AI-generated award for PM Modi कांग्रेस नेत्री सुप्रीया श्रीनेत ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पीएम मोदी को दिए गए ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि ”दुनिया मोदी को समझ गई है। उन्हें कोई भी अवॉर्ड दो, वे तुरंत उसे लेने पहुँच जाएँगे। सेशेल्स ने अभी चार दिन पहले ही एक नया अवॉर्ड शुरू किया – ‘गार्जियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’। मोदी से पहले यह अवॉर्ड किसी को नहीं दिया गया था। वे इतनी जल्दी में थे कि उन्होंने ‘रिपब्लिक ऑफ़ सेशेल्स’ का आधिकारिक नाम भी गलत लिख दिया।
उन्होंने आगे लिखा है कि ”मोदी इस साल की शुरुआत में इज़राइल भी एक नया-नया शुरू किया गया अवॉर्ड लेने गए थे (उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि अगले ही दिन वहाँ युद्ध छिड़ जाएगा), और उन्हें ‘फिलिप कोटलर अवॉर्ड’ मिला – ऐसे कई अवॉर्ड जो उनसे पहले या बाद में किसी और को कभी नहीं दिए गए। अवॉर्ड पाने की उनकी इस दीवानगी की एक कीमत भी चुकानी पड़ती है: सेशेल्स को 125 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन और 50 मिलियन डॉलर की ग्रांट देने का वादा किया गया है। भक्त भले ही नासमझ हों, लेकिन बाकी दुनिया ऐसी नहीं है।”
MONUMENTAL SHAME!
Modi’s newest foreign award from Seychelles is so “prestigious” that it is LITERALLY AI-Generated
A few days ago, on 24th June, Seychelles CREATED a new award called “Guardian of the Blue Horizon.” Yesterday, I.e. 4 days later, this “newly created” award was… pic.twitter.com/yL26V5lwxI
— Saket Gokhale (@SaketGokhale) June 29, 2026
वहीं, टीएमसी नेता और पूर्व सांसद साकेत गोखले ने लिखा है कि ”बहुत बड़ी शर्म की बात! सेशेल्स से मोदी को मिला नया विदेशी अवॉर्ड इतना “शानदार” है कि वह असल में AI से बनाया गया है। कुछ दिन पहले, 24 जून को, सेशेल्स ने “गार्जियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न” नाम का एक नया अवॉर्ड बनाया। कल, यानी 4 दिन बाद, मोदी की यात्रा के दौरान उन्हें यह “नया बनाया गया” अवॉर्ड दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस तथाकथित “अवॉर्ड” का साइटेशन (प्रशस्ति-पत्र) शायद AI से बनाया गया है। अवॉर्ड पर “रिपब्लिक” और यहां तक कि देश का नाम “सेशेल्स” भी गलत लिखा हुआ है।
उन्होंने आगे लिखा है कि ”पिछले कुछ सालों में यह चलन बन गया है कि मोदी जिस भी देश में जाते हैं, वहाँ से “नागरिक सम्मान” की उम्मीद करते हैं। विदेशी देशों को समझ आ गया है कि मोदी को खुश करने का सबसे आसान तरीका उन्हें कोई अवॉर्ड देना है। इसके लिए, वे कभी-कभी मोदी की PR (पब्लिसिटी) को संतुष्ट करने के लिए ऐसे अवॉर्ड भी बना देते हैं जिनका असल में कोई अस्तित्व ही नहीं होता। मोदी बिक चुके हैं और दुनिया यह जानती है। वे जानते हैं कि मोदी को बस कोई भी अवॉर्ड देकर भारत से फ़ायदा उठाया जा सकता है। इसीलिए वे सचमुच सिर्फ़ मोदी के लिए नए अवॉर्ड बना देते हैं। मोदी की हीन भावना और उनका कमज़ोर अहंकार अब हमारे देश की वैश्विक स्तर पर बेइज्ज़ती का कारण बन रहा है। उनकी PR की चाहत इतनी ज़्यादा है कि AI से बने विदेशी अवॉर्ड को भी BJP एक “उपलब्धि” के तौर पर पेश कर रही है। एक गर्वित भारतीय के तौर पर, मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या भारतीय मीडिया में कभी इतनी हिम्मत आएगी कि वह इस पर रिपोर्ट करे और नकली अवॉर्ड पाने की मोदी की बेताबी पर उनसे सवाल पूछे? क्या मीडिया मोदी के अहंकार के बजाय भारत की प्रतिष्ठा को बनाए रखेगा?