Ram Mandir Donation Theft Case : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों को तगड़ा झटका! स्थानीय वकीलों ने केस लड़ने से किया इनकार, पैरवी से पहले पूरी करनी होगी ये शर्त

Ads

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या और फैजाबाद बार एसोसिएशन ने कड़े फैसले लिए हैं। स्थानीय वकीलों ने आरोपियों का केस नहीं लड़ने का निर्णय लिया है, जबकि बाहर से पैरवी करने आने वाले वकीलों के लिए 5 लाख रुपये जमा कराने की शर्त रखी गई है।

  •  
  • Publish Date - June 29, 2026 / 12:47 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 12:58 PM IST

Ram Mandir Donation Theft Case / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर स्थानीय वकीलों में भारी आक्रोश।
  • आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का सर्वसम्मति से फैसला।
  • मामले की CBI जांच की मांग भी उठाई गई।

अयोध्या : Ram Mandir Donation Theft Case :  अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर स्थानीय वकीलों में भारी आक्रोश है। इस संबंध में अयोध्या बार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से कई कड़े और बड़े फैसले लिए गए हैं। बार एसोसिएशन ने आरोपियों का कोर्ट में पक्ष न रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा फैजाबाद बार एसोसिएशन की तरफ से भी एक कमेटी बनाई गई है। ये कमेटी आरोपियों को को सजा कराने में पैरवी करेगी।

स्थानीय वकील ने लड़ेंगे केस

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि राम मंदिर में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए यह फैसला किया गया है। अयोध्या का कोई भी स्थानीय वकील चढ़ावा चोरी के आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेगा।

आरोपियों की पैरवी करने से पहले जमा करना होगा 5 लाख

इसके साथ ही, फैजाबाद बार एसोसिएशन की तरफ से एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी कोर्ट में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए मजबूती से पैरवी करेगी।नियमों को और कड़ा करते हुए संघ ने फैसला लिया है कि यदि बाहर से कोई वकील आकर इन आरोपियों की पैरवी करने की कोशिश करता है, तो उसकी जांच तो होगी ही, साथ ही उसे पहले बार संघ में 5 लाख रुपये जमा कराने होंगे, उसके बाद ही वह पैरवी कर सकेगा।

पैरवी करने वाले वकील पर होगी कार्रवाई

Ram Mandir Donation Theft Accused Conviction Support इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बाहर से कोई वकील आकर इन आरोपियों की पैरवी करने की कोशिश करता है, तो उसकी भी पूरी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा, बार एसोसिएशन ने मामले की संजीदगी को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ इस पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।

इन्हें भी पढ़ें :