Supreme Court On Ram Mandir Chori: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, जानें अब कब होगी सुनवाई

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Supreme Court On Ram Mandir Chori: कब आएगा फैसला? राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 11:23 AM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 12:37 PM IST

Supreme Court On Ram Mandir Chori/Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
  • याचिका में कोर्ट की निगरानी में CBI अधिकारी की अगुवाई वाली SIT गठित करने की मांग की गई है
  • कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई अदालत की छुट्टियां समाप्त होने के बाद की जाएगी

नई दिल्ली। Supreme Court On Ram Mandir Chori: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी केस में तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। बता दें कि राम मंदिर के ट्रस्ट पर चंदा चोरी का आरोप है। इसी आरोप को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति का कहना है कि ट्रस्ट के पैसों में कुछ गड़बड़ी हुई है और इसकी जांच होनी चाहिए।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा है कि इस मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में हो, इसके लिए विशेष टीम बनाई जाए। यह टीम CBI के अधिकारी की अगुवाई में बनाई जाए। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा था कि इस मामले को जल्दी सुना जाए और तुरंत आदेश दिया जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने क्या कहा?

Supreme Court On Ram Mandir Chori कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इस मामले में आखिर इतनी जल्दबाजी किस बात की है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी तुरंत नहीं सुना जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस याचिका को की कोर्ट छुट्टियों के बाद सुना जाएगा।

अयोध्या के वकीलों का बड़ा फैसला

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में अयोध्या के वकीलों ने कहा कि चंदा चोरी मामले में आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे। बताया जा रहा है कि फैजाबाद बार एसोसिएशन में आज हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया है। गौरतलब हो कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है. ये सभी 8 आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त में हैं।

 आरोपियों के घर पुलिस ने की छापेमारी

Supreme Court On Ram Mandir Choriराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद 8 आरोपियों के घर रविवार सुबह 7 बजे पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस की 8 टीमों ने एक साथ, एक ही वक्त पर आरोपियों के घर पहुंची इस दौरान 3 आरोपियों के घर पर ताला लगा था। पुलिस ने पड़ोसियों से भी सवाल-जवाब किए। आरोपियों की लाइफ स्टाइल में आए बदलाव को लेकर भी पड़ताल की। पुलिस की जांच करीब 8 घंटे चली। आरोपियों की खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज और बैंक अकाउंट डिटेल खंगाले गए। परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए। छापेमारी में राजस्व अधिकारियों खासकर लेखपालों को भी शामिल किया गया।

जिन आरोपियों के घर पुलिस ने चढ़ावा चोरी को लेकर छापा मारा उनमें टिन्नू यादव पर राम मंदिर के दानपात्रों की देखरेख और उसे बेसमेंट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। वहीं मनीष यादव का काम दान पात्रों में आने वाले चढ़ावे की गिनती करना था, तो करूणेश पांडे दान के रुपयों को कक्ष तक लाने और गिनती करने वालों मेंं शामिल था। (Ram Mandir Donation Case Action) रमाशंकर मिश्रा को दान के रुपयों को कक्ष तक लाने और निगरानी करने की जिम्मेदारी थी। इसी तरह सुभाष श्रीवास्तव राम मंदिर में कैश काउंटिंग स्टाफ का प्रभारी था तो अविनाश शुक्ला दान के रुपयों को कक्ष तक लाने और गणना का काम देखता था। लवकुश मिश्रा चढ़ावे और नकदी काउंटिंग स्टाफ का सदस्य था और अनुकल्प मिश्रा चढ़ावा राशि की गिनती करने का काम करता था।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चंदा मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिका पर छुट्टियों के बाद सुनवाई होगी।

याचिका में क्या मांग की गई है?

याचिका में कोर्ट की निगरानी में CBI अधिकारी के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (SIT) से मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

याचिका किस आरोप से जुड़ी है?

याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग की जांच कराने की मांग की गई है। ये आरोप हैं जिनकी जांच की मांग की गई है; अदालत ने अभी इन पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।

कोर्ट ने तत्काल सुनवाई क्यों नहीं की?

कोर्ट ने पूछा कि मामले में इतनी जल्दबाजी का क्या कारण है और तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए इसे छुट्टियों के बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

क्या सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों को सही माना है?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों पर कोई टिप्पणी या निष्कर्ष नहीं दिया है। फिलहाल उसने केवल तत्काल सुनवाई से इनकार किया है।