रूस से तेल आयात की जानकारी गोपनीय, सीआईसी ने पीपीएसी के फैसले को सही ठहराया

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रूस से तेल आयात की जानकारी गोपनीय, सीआईसी ने पीपीएसी के फैसले को सही ठहराया

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 04:30 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत काम करने वाली पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) ने कहा कि रूस से भारत में आयात किए जाने वाले कच्चे तेल से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, क्योंकि यह व्यावसायिक और गोपनीय प्रकृति की है।

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि इससे देश के रणनीतिक और आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं।

यह मामला सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन से जुड़ा है, जिसमें जून 2022 से जून 2025 के बीच रूस से भारत में आयातित कच्चे तेल का विवरण मांगा गया था। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, ओएनजीसी विदेश, रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी कंपनियों द्वारा आयात की जानकारी भी मांगी गई थी।

इस पर केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि देश के आधार पर और कंपनी के आधार पर कच्चे तेल के आयात का विवरण व्यावसायिक और गोपनीय है, इसलिए इसे आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत साझा नहीं किया जा सकता। हालांकि कुल आयात की मात्रा और उसका मूल्य पीपीएसी की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है।

प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने भी इस फैसले को सही ठहराया। हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने कहा कि उसे जानकारी नहीं दी गई और वह यह समझना चाहता है कि इस क्षेत्र में देश किस तरह काम कर रहा है।

केंद्रीय सूचना आयोग ने अपने अंतरिम फैसले में कहा कि मांगी गई जानकारी सार्वजनिक करने से देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और इससे अन्य देशों के साथ संबंध भी प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि यह जानकारी भू-राजनीतिक संबंधों से जुड़ी है।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय