पीपीएफ समेत लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 10वीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं

पीपीएफ समेत लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 10वीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं

पीपीएफ समेत लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 10वीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं
Modified Date: September 30, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: September 30, 2026 6:49 pm IST

नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र जैसी विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया है।

एक अक्तूबर, 2026 से शुरू होने वाली चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए दरों को यथावत रखा गया है। यह लगातार दसवीं तिमाही है जब लघु बचत योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

वित्त मंत्रालय की बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (एक अक्टूबर, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वही रहेंगी, जो चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए अधिसूचित की गई थीं।’’

अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है।

लोकप्रिय बचत योजना पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत और डाकघर बचत जमा योजना पर दर चार प्रतिशत पर स्थिर बनी रहेगी। किसान विकास पत्र (केवीपी) पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी और इसमें किया गया निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा। वहीं, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी।

दूसरी तिमाही की तरह ही, डाकघर की मासिक आय योजना के निवेशकों को तीसरी तिमाही में भी 7.4 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।

इसके साथ मुख्य रूप से डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 10वीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इन लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में सरकार ने आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ बदलाव किया था।

भाषा रमण अजय

अजय


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