वाशिंगटन, नौ अप्रैल (एपी) अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने बृहस्पतिवार को आगाह किया कि ईरान युद्ध विश्व अर्थव्यवस्था के परिदृश्य को प्रभावित कर रहा है और इससे आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी होगी।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने कहा कि मुद्राकोष अगले सप्ताह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अपने अनुमान को कम करेगा।
उन्होंने अगले सप्ताह होने वाली आईएमएफ-विश्व बैंक की बैठकों से पहले अपने संबोधन में कहा, ‘‘अगर यह झटका न लगा होता, तो हम वैश्विक वृद्धि के पूर्वानुमान को बढ़ा रहे होते। लेकिन अब हम… वृद्धि के अनुमान में कमी करने जा रहे हैं।’’
पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दुनिया के अधिकतर देशों से आयात पर व्यापक कर लगाने के फैसले के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखायी थी। जनवरी में, 191 देशों की सदस्यता वाले अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने वैश्विक वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर 3.3 प्रतिशत कर दिया था और अगले मंगलवार को अपने नए पूर्वानुमान जारी करते समय इसे फिर से बढ़ाने के लिए तैयार था।
लेकिन 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध ने सब कुछ बदल दिया। इस संघर्ष ने तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों को बढ़ा दिया, तेल रिफाइनरियों, टैंकर टर्मिनल और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया, दुनिया भर के किसानों के लिए महत्वपूर्ण उर्वरक की आपूर्ति बाधित की और कंपनियों तथा उपभोक्ताओं के भरोसे को ठेस पहुंचाई।
अमेरिका और ईरान ने मंगलवार को युद्धविराम की घोषणा की।
फिर भी, आईएमएफ की प्रमुख ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘अगर शांति स्थायी भी होती है तो भी वृद्धि की गति धीमी होगी।’’
जॉर्जीवा ने कहा कि उप-सहारा अफ्रीका और छोटे द्वीपीय देश ऊर्जा संकट के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। विश्व भर में, सरकारों के पास खर्च में वृद्धि और कर कटौती के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने की सीमित क्षमता है क्योंकि उनका ऋण पहले से ही बहुत अधिक है।
जॉर्जीवा ने नीति निर्माताओं से आग्रह किया कि वे निर्यात सीमित करने और मूल्य नियंत्रण लागू करने जैसे ‘अकेले कदम’ उठाकर स्थिति को और खराब न करें।
एपी रमण अजय
अजय