नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) भारतीय रेल वित्त निगम लिमिटेड (आईआरएफसी) की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को बोली के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को भी पूर्ण अभिदान नहीं मिला। सरकार ने इसके तहत बिक्री के लिए अपनी दो प्रतिशत हिस्सेदारी पेश की है।
सरकार ने 24 फरवरी को दो दिवसीय बिक्री पेशकश (ओएफएस) में 104 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर आईआरएफसी में 26.13 करोड़ से अधिक शेयर या दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा था। इसमें इतनी ही संख्या में ‘ग्रीन शू’ विकल्प भी शामिल है।
संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित 23.52 करोड़ शेयर में से, बुधवार को आईआरएफसी के 22.34 करोड़ शेयर के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। ये बोलियां ऐसे निवेशकों को प्रस्तावित शेयर का 94.98 प्रतिशत थीं। बुधवार को बाजार बंद होने के बाद सरकार ने ग्रीन शू विकल्प का प्रयोग न करने का निर्णय लिया।
खुदरा निवेशकों को बृहस्पतिवार को पेश किए गए 3.79 करोड़ से अधिक शेयर में से करीब 5.9 लाख शेयर के लिए ही बोलियां प्राप्त हुईं।
सरकार की रेलवे क्षेत्र के उद्यम में वर्तमान में 86.36 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
बीएसई पर आईआरएफसी का शेयर पिछले बंद के मुकाबले 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.25 रुपये पर बंद हुआ। बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान शेयर की कीमत 52 सप्ताह के निचले स्तर 102.50 रुपये पर पहुंच गई थी।
भाषा निहारिका अजय
अजय