सोशल मीडिया पर प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को लेकर डाली जा रही है गलत जानकारी : पासवान

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सोशल मीडिया पर प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को लेकर डाली जा रही है गलत जानकारी : पासवान

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 06:29 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 06:29 PM IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को कहा कि सोशल मीडिया पर असर रखने वाले लोग ‘गलत बात’ फैला रहे हैं कि प्रसंस्कृत खाद्य नुकसानदायक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया ‘इन्फ्लूएंसर’ द्वारा फैलाई जा रही इस तरह की गलत धारणा का मुकाबला करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई और साथ ही चेताया कि इससे क्षेत्र के विकास में बाधा आ सकती है।

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान-कुंडली (निफ्टेम-के) द्वारा आयोजित तीन दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘अनवेष-2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पासवान ने कहा कि यह सोच कि ‘‘प्रसंस्कृत खाद्य का मतलब अच्छा नहीं है’’ को ऑनलाइन पर सक्रियता से प्रसारित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम न केवल अपने देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इस चुनौती का सामना कर रहे हैं।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘इससे इस क्षेत्र पर असर पड़ रहा है और यह और बढ़ेगा। हमें इस बात का मुकाबला करने की ज़रूरत है।’’

मंत्री ने कहा कि एकल परिवार और कामकाजी जोड़ों के बढ़ने के साथ तैयार और खाने को तैयार उत्पाद आधुनिक जीवनशैली का ज़रूरी हिस्सा बन गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले, हम घर पर चटनी और सॉस बनाते थे, लेकिन हमें ये चीजें तुरंत तैयार चाहिए। अगर कोई गलत कहानी बनाई जाती है, तो हम इस क्षेत्र के लिए वैसा विकास नहीं देख सकते जैसा हम सोचते हैं।’’

पासवान ने कहा कि उनके मंत्रालय ने गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर एक समिति बनाई है, जिसकी दूसरी बैठक में हाल ही में ऐसे संदेशों का मुकाबला करने के तरीकों पर चर्चा हुई।

उन्होंने उद्योग जगत के अगुवा लोगों से इस मुद्दे की ज़िम्मेदारी लेने की अपील की, और सुझाव दिया कि अगर हर नेतृत्वकारी लोग ‘एक-दो इन्फ्लूएंसर’ को अपने साथ जोड़ लें, तो इस कहानी को बड़े पैमाने पर ठीक किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम इस पर एक राष्ट्रीय अभियान शुरू करते हैं, तो हम इस चुनौती से निपट सकते हैं।’’

व्यापार के बारे में, पासवान ने कहा कि भारत के 127 से ज़्यादा देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते हैं और उन्होंने इस चिंता को खारिज कर दिया कि चल रही बातचीत में रियायतें दी जा रही हैं, और कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के साथ ‘‘हमारी शर्तों पर’’ समझौतों पर हस्ताक्षर किये जा रहे हैं।

उन्होंने सभी अंशधारकों से कहा कि वे क्षेत्र के विकास की ज़िम्मेदारी सरकार पर छोड़ने के बजाय उसे आपस में बांट लें।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का काम नीतियां बनाना है और हम जो भी ज़रूरी होगा, करने के लिए तैयार हैं। मैं वह पुल हूं। आइए, मुझे चुनौतियां और रुकावटों के बारे में बताइये। मैं उन्हें दूर कर दूंगा।’’

इस कार्यक्रम में प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग के सचिव अविनाश जोशी, ‘वर्ल्ड फ़ूड प्राइज़ 2021’ की विजेता शकुंतला हरकसिंह, एआईसीटीई के पूर्व चेयरमैन टी जी सीताराम और निफ्टेम-के के निदेशक हरिंदर सिंह ओबेरॉय मौजूद थे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय