आईटी कर्मचारियों के संगठन ने टीसीएस मामले में श्रम मंत्रालय को पत्र लिखा

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आईटी कर्मचारियों के संगठन ने टीसीएस मामले में श्रम मंत्रालय को पत्र लिखा

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 04:23 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 04:23 PM IST

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के कर्मचारियों के संगठन एनआईटीईएस ने सोमवार को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम नियमों के अनुपालन का विस्तृत ऑडिट कराने की मांग की।

इसके अलावा, संगठन ने महाराष्ट्र में आईटी और आईटीईएस कंपनियों, खासकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राज्य स्तर पर व्यापक ऑडिट की भी वकालत की है।

देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टीसीएस के नासिक स्थित कार्यालय में आठ महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक परिवर्तन के आरोप लगाए जाने के बाद यह मांग उठी है।

नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (एनआईटीईएस) ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे पत्र में इस मामले की समयबद्ध और व्यापक जांच के निर्देश देने की अपील की है।

संगठन ने कंपनी में आंतरिक शिकायत समितियों के गठन, उनकी स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली की समीक्षा के साथ पिछले वर्षों में दर्ज सभी शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की जांच की मांग की है।

संगठन ने यह भी कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि क्या कर्मचारियों को शिकायत दर्ज करने से हतोत्साहित किया गया या उन्हें किसी तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

इस बीच, टाटा समूह की कंपनी टीसीएस ने बयान में कहा कि वह किसी भी तरह के उत्पीड़न को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करती है और मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह जांच में स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग कर रही है।

पिछले सप्ताह पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें मानव संसाधन विभाग की एक महिला प्रबंधक भी शामिल है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय