(ITR Filing Deadline/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: ITR Filing Deadline: इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल (ITR Filing Deadline) करने की याद दिलाई है। यह समयसीमा मुख्य रूप से उन लोगों और संस्थाओं पर लागू होती है। जिनकी कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जिनके खातों का इनकम टैक्स कानून के तहत ऑडिट जरूरी नहीं है। इस दायरे में कुछ व्यक्ति, HUF, फर्म और अन्य संस्थाएं शामिल हो सकती है।
ITR-3 आमतौर पर ऐसे व्यक्ति और HUF दाखिल करते हैं, जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन (ITR Filing Deadline) से होती है। इसके साथ सैलरी, मकान, कैपिटल गेन या अन्य स्रोतों से होने वाली आय भी इसमें शामिल की जा सकती है। वहीं ITR-4 उन निवासी व्यक्तियों, HUF और कुछ पात्र फर्मों के लिए है जो निर्धारित शर्तों के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम का लाभ लेते हैं। LLP इस फॉर्म के लिए पात्र नहीं है।
ITR-5 मुख्य रूप से फर्म, LLP, AOP, BOI और कुछ अन्य संस्थाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं ITR-7 उन व्यक्तियों या संस्थाओं के लिए होता है जिन्हें इनकम टैक्स एक्ट की विशेष धाराओं के तहत रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। इसलिए रिटर्न भरने से पहले अपनी आय और टैक्सपेयर कैटेगरी के हिसाब से सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है।
रिटर्न भरने से पहले अपनी आय, टैक्स कटौती और टैक्स क्रेडिट की जानकारी अच्छी तरह जांच लें। इसके लिए Form 26AS, AIS और TIS में दर्ज जानकारी को जरूर मिलाएं। जरूरी दस्तावेज तैयार रखने के बाद इनकम टैक्स पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करें और प्रक्रिया पूरी होने पर ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें। विभाग ने टैक्सपेयर्स को आखिरी समय (ITR Filing Deadline) की भीड़ से बचने के लिए समय रहते ITR फाइल करने की अपील की है।