जेवर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा: नागर विमानन मंत्री नायडू

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जेवर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा: नागर विमानन मंत्री नायडू

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 12:25 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 12:25 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नोएडा, 15 जून (भाषा) केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि जेवर भविष्य में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा।

उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘ हमें खुशी है कि जिन किसानों ने हवाई अड्डा के लिए जमीन दी वे आज पहली उड़ान से लखनऊ जाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ यह एक ऐतिहासिक दिन है। इस परियोजना को लेकर लोगों में उत्साह था और आज आखिर वह दिन आ गया..’’

उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोादी का विचार था कि यहां एक हवाई अड्डा बनना चाहिए। इसको उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य लोगों ने मिलकर एक मिशन की तरह पूरा किया।’’

मंत्री ने जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह की भी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों को समझाकर जमीन देने के लिए उन्हें तैयार किया।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को लखनऊ से इंडिगो की पहली उड़ान के उतरने के साथ ही यात्री उड़ानों का औपचारिक संचालन शुरू हो गया।

इंडिगो का विमान चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से सुबह सात बजकर 12 मिनट पर रवाना हुआ था और सुबह सात बजकर 58 मिनट पर जेवर स्थित हवाई अड्डे पर उतरा।

इसके तुरंत बाद, इसी हवाई अड्डे से पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस विमान में जेवर क्षेत्र के वे ग्रामीण भी सवार थे, जिनकी जमीन राज्य सरकार ने हवाई अड्डे के पहले चरण के विकास के लिए अधिग्रहित की थी।

यह जेवर स्थित इस नई परियोजना पर उड़ान संचालन की औपचारिक शुरुआत का संकेत है। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और देश के अन्य हिस्सों के बीच हवाई संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

पहली उड़ान सुबह करीब आठ बजकर 19 मिनट पर रवाना हुई, जिसमें जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि नई हवाई सेवा से व्यापार यात्रियों, छात्रों, पेशेवरों और आम यात्रियों को लाभ होगा और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे को एक ‘मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ के तौर पर विकसित किया गया है जहां हवाई, सड़क और अन्य परिवहन साधनों से संपर्क की सुविधा है।

भाषा सं मनीषा निहारिका

निहारिका