TMC Rebel MPs: जुलाई में होगा असली खेला! बंगाल के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने दिए बड़े संकेत, कहा- ‘तृणमूल का दो-तिहाई बहुमत है’

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TMC Rebel MPs: जुलाई में होगा असली खेला! बंगाल के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने दिए बड़े संकेत, कहा- 'तृणमूल का दो-तिहाई बहुमत है'

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 11:28 AM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 11:28 AM IST

TMC Rebel MPs | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • कई वरिष्ठ नेता और सांसद इस्तीफा दे रहे हैं
  • सुदीप का बयान: नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय की घोषणा
  • दलबदल कानून: दो-तिहाई बहुमत के आधार पर नाम की मांग

कोलकाता: TMC Rebel MPs पश्चिम बंगाल में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) पार्टी में फूट चल रही है। यहां एक के बाद एक कई वरिष्ट नेता और सांसद पार्टी से इस्तीफा दे रहे है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय (Sudip Bandyopadhyay Resign) ने रविवार को आधिकारिक रूप से पार्टी के बागी गुट के प्रति अपनी निष्ठा जताई। जिसके बाद सुदीप बंदोपाध्याय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ‘हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।’

TMC Political Crisis उन्होंने कहा कि हालांकि दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई से बचने के लिए संख्या बल की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके आधार पर तुरंत पार्टी का नाम नहीं मांगा जा सकता। सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि जब आप पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में हम तृणमूल (नाम) हमें सौंपने की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास तृणमूल का दो-तिहाई बहुमत है। फिर अदालत इस पर फैसला करेगी।

रविवार को हुई टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक

आपको बता दें कि रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक हुई। इस बैठक में सांसद निशिकांत दूबे भी उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री के आवास पर हुई बैठक के बाद सांसद काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करने पहुंचे।

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सुदीप बंद्योपाध्याय ने क्या घोषणा की?

उन्होंने कहा कि वे नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।

टीएमसी में फूट क्यों हो रही है?

बीजेपी सरकार बनने के बाद कई नेता असंतुष्ट होकर पार्टी छोड़ रहे हैं।

दलबदल विरोधी कानून में क्या प्रावधान है?

दो-तिहाई सदस्य अलग होने पर ही नए नाम की मांग की जा सकती है।