झारखंड विधानसभा में 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश, सामाजिक क्षेत्र को 67,460 करोड़ रुपये आवंटित

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झारखंड विधानसभा में 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश, सामाजिक क्षेत्र को 67,460 करोड़ रुपये आवंटित

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 06:41 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

रांची, 24 फरवरी (भाषा) झारखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें गरीबों, महिलाओं एवं अन्य कमजोर तबकों के कल्याण के मकसद से सामाजिक क्षेत्र के लिए 67,460 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की अगुवाई वाली सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में कहा, ‘‘मैं सदन के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट रखता हूं। ‘अबुआ दिशोम’ (हमारा अपना) बजट झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाएगा और गरीबों के आंसू पोंछेगा।’’

किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग- गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘बजट में सामान्य क्षेत्र के लिए 32,055.83 करोड़ रुपये, सामाजिक क्षेत्र के लिए 67,459.54 करोड़ रुपये और आर्थिक क्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं के लिए ‘महिला खुशहाली योजना’ शुरू की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसके लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं अगले वित्त वर्ष में 100 नए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ भी खोले जाएंगे।’’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘विपक्ष द्वारा बाधाएं उत्पन्न किए जाने के बावजूद हम झुकेंगे नहीं और राज्य के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे।’’

किशोर ने झारखंड को पर्याप्त वित्तीय सहायता न देकर केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने दावा किया, ‘‘राज्य को केंद्रीय करों में 5,000 करोड़ रुपये का हिस्सा नहीं मिला।.. और अनुदान सहायता के रूप में 11,000 करोड़ रुपये भी नहीं मिले। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी धीरे-धीरे घट रही है। वीबी-जी राम जी (अधिनियम) के कारण राज्य को 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।’’

उन्होंने कोयला आपूर्ति के बदले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को ‘1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान न करने’ को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

किशोर ने कहा कि बजट में राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं पूंजीगत व्यय के तहत 37,708 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, जो पिछले वर्ष के बजट से 8.5 प्रतिशत अधिक है।

वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड को अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़ रुपये और गैर-कर राजस्व से 20,700 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि 18,273.66 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के अतिरिक्त, केंद्रीय करों में झारखंड की हिस्सेदारी 51,236.38 करोड़ रुपये है।

किशोर ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो अनुमानित जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत है।’’

उन्होंने कहा कि मौजूदा कीमतों पर वित्त वर्ष 2024-25 में झारखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) करीब 5.16 लाख करोड़ रुपये रहा और अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने की सरकार कोशिश करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए हमें मौजूदा कीमतों पर लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करनी होगी। स्थिर कीमतों पर, यह लगभग 9-10 प्रतिशत की वृद्धि दर के बराबर होगा।’’

किशोर ने कहा कि उच्च एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चतरा जिला मुख्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी और रोजगारोन्मुखी कॉलेज खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में सात जिलों में 12 कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘मैया सम्मान योजना’ के तहत प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए 14,066 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।

किशोर ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के माध्यम से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में 45,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

भाषा निहारिका प्रेम

प्रेम