नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) दूरसंचार नियामक ट्राई ने आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए सभी उपलब्ध रेडियो तरंगों (स्पेक्ट्रम) को एक साथ नीलाम करने की सिफारिश की है। साथ ही नई कंपनियों के लिए प्रवेश शर्तें आसान करने और सभी बैंड में 35 प्रतिशत की समान स्पेक्ट्रम सीमा का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार विभाग से दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही कंपनियों के पास उपलब्ध स्पेक्ट्रम को तत्काल वापस लेकर आगामी नीलामी में शामिल करने को कहा है।
नियामक ने नए आवेदकों के लिए शुद्ध संपत्ति के मानदंड को प्रति लाइसेंस सेवा क्षेत्र 100 करोड़ रुपये से घटाकर 50 करोड़ रुपये करने और जम्मू-कश्मीर एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 50 करोड़ से घटाकर 25 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया है।
ट्राई ने कहा, ‘‘600 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज सहित नौ बैंड में उपलब्ध सभी स्पेक्ट्रम को नीलामी में रखने की सिफारिश की गई है।’’
हालांकि, अधिकांश स्पेक्ट्रम बैंड में आरक्षित मूल्य को 2022 की नीलामी के मुकाबले कम रखा गया है लेकिन कुछ मामलों में यह पहले से अधिक है।
ट्राई ने स्पेक्ट्रम की वैधता अवधि 20 वर्ष रखने और इसे दूरसंचार सर्किल/महानगर क्षेत्र के आधार पर नीलाम करने का सुझाव दिया है। हालांकि, 600 मेगाहर्ट्ज बैंड को प्रोत्साहित करने के लिए 24 वर्ष की वैधता, चार वर्ष का भुगतान स्थगन और शुरुआती चार वर्ष तक रोलआउट दायित्व में छूट का भी प्रस्ताव है।
दूरसंचार नियामक ने सभी तरह की आवृत्ति वाले बैंड में 35 प्रतिशत की समान स्पेक्ट्रम सीमा लागू करने का सुझाव दिया है। हालांकि, पहले से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को मौजूदा होल्डिंग छोड़ने की जरूरत नहीं होगी।
ऊपरी छह गीगाहर्ट्ज (6425-7125 मेगाहर्ट्ज) बैंड को मोबाइल सेवाओं के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव है, लेकिन इसे फिलहाल नीलाम नहीं किया जाएगा। इस बैंड में उपग्रह अपलिंक स्टेशनों के साथ संभावित हस्तक्षेप से बचाव सुनिश्चित करने के लिए इस पर तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। इस पर 2027 के विश्व रेडियो सम्मेलन के बाद पुनर्विचार होगा।
नियामक ने डिजिटल खाई को पाटने के लिए ‘कवरेज-फॉर-डिस्काउंट’ योजना सुझाई है। इसके तहत सफल बोलीदाता यदि एक साल के भीतर सरकार द्वारा चिन्हित दूरदराज के क्षेत्रों में 4जी या 5जी बेस स्टेशन स्थापित करते हैं, तो उन्हें नीलामी लागत में 10 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। इस छूट के लिए टावर को अन्य कंपनियों के साथ उचित शुल्क पर साझा करना अनिवार्य होगा।
ट्राई ने स्पेक्ट्रम का मूल्यांकन हर तीन वर्ष में दोबारा करने और अंतरिम नीलामी के लिए सूचकांकित मूल्य निर्धारण का सुझाव भी दिया है।
इन सिफारिशों से देश में 5जी विस्तार और डिजिटल संपर्क को गहरा करने के लिहाज से अगली बड़ी स्पेक्ट्रम बिक्री का मार्ग प्रशस्त होने का अनुमान है।
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प्रेम अजय
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