Hapur Samoohik Vivah Scam || Image- symbolic Image
हापुड़: उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों में विकास शासकीय कार्यक्रमों के नाम पर पैसों की बंदरबांट किस कदर हो रही है, इसकी मिसाल हापुड़ जिले में देखने को मिली है। यहाँ एक सामूहिक विवाह के तहत करीब 517 जोड़ो का विवाह प्रस्तावित था। (Hapur Samuhik Vivah Scam) विवाह से जुड़ी तमाम तैयारियां की जा चुकी थी, लेकिन ठीक एक रात पहले जिला कलेक्टर के दौरे ने संबंधित फार्म के मंसूबे पर पानी फेर दिया। डीएम ने तत्काल ही इस सामजिक कार्यक्रम को रद्द करते हुए संबंधित फार्म को काली सूची नमे डालने का आदेश जारी कर दिया। जिला प्रशासन के इस कदम से अबी दुसरे सरकारी महकमों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल हापुड़ की दिल्ली रोड पर स्थित रामलीला ग्राउंड में मंगलवार की सुबह 9:00 बजे से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था, लेकिन मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गौतम द्वारा जारी पत्र के अनुसार इसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह को स्थगित कर दिया गया है।
इस आयोजन के लिए ठेकेदार ने भारी लापरवाही बरती है। सामूहिक विवाह के फटा हुआ टेंट और बेस्वाद खाना तैयार कराया। जिसे देखकर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की। (Hapur Samuhik Vivah Scam) बताया जा रहा है कि ठेकेदार और सीडीओ के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद जिलाधिकारी ने पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा और उन्होंने ठेकेदार व अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम स्थगित कर दिया। डीएम के आदेश पर ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। ठेकेदार में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
हापुड़ की दिल्ली रोड पर स्थित रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने लापरवाही बरती, जिसके चलते कार्यक्रम को निरस्त कर दिया। ठेकेदार ने बेस्वाद खाना तैयार कराया और फटा हुआ टेंट लगवाया। सीडीओ हापुड़ हिमांशु गौतम जब नाराजगी जाहिर की तो उनकी ठेकेदार से बहस हो गई। सूचना पर जिलाधिकारी हापुड़ अभिषेक पांडे मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया।