जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ दूसरी छमाही तक टलने का अनुमानः क्रेडिटसाइट

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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ दूसरी छमाही तक टलने का अनुमानः क्रेडिटसाइट

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  • Publish Date - April 29, 2026 / 05:30 PM IST,
    Updated On - April 29, 2026 / 05:30 PM IST

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही तक टल सकता है। क्रेडिटसाइट्स ने बुधवार को यह आकलन जताया।

क्रेडिटसाइट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों पर टिप्पणी में कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रबंधन ने वित्तीय नतीजे पर चर्चा के दौरान जियो के आईपीओ को ‘बेहद करीब’ बताया था।

पहले बाजार में ऐसी चर्चा थी कि यह आईपीओ मई में आ सकता है, जिसमें रिलायंस अपनी करीब 67 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 2.5-तीन प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचकर लगभग चार अरब डॉलर (करीब 37,500 करोड़ रुपये) जुटा सकती है।

हालांकि क्रेडिटसाइट का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते बाजार की परिस्थितियां प्रभावित हो सकती हैं, जिससे आईपीओ की समय-सीमा आगे खिसक सकती है।

इसके साथ ही, जियो की सूचीबद्धता से इकट्ठा होने वाली पूंजी का उपयोग कर्ज घटाने और पूंजीगत व्यय में किया जाएगा, जिससे कंपनी की प्रतिस्पर्धी क्षमता भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के मुकाबले मजबूत हो सकती है।

रिलायंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10 प्रतिशत राजस्व वृद्धि और कर-पूर्व आय में आठ प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है, जिसमें खुदरा और दूरसंचार कारोबार की अहम भूमिका रही।

क्रेडिटसाइट्स ने कहा, वित्त वर्ष 2026-27 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का पूंजीगत व्यय बढ़कर 1.5-1.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष के 1.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह निवेश मुख्यतः पेट्रोरसायन विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी निर्माण और डेटा सेंटर पर केंद्रित होगा।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण