मुंबई, 19 जून (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में ‘दीर्घकालिक तेजी का दौर’ देखते हुए कंपनी देश की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता घटाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन, उन्नत सामग्री और वैकल्पिक ईंधनों में निवेश बढ़ा रही है।
अंबानी ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि रिलायंस सौर ऊर्जा, बैटरी, पवन ऊर्जा, हाइड्रोजन, कॉम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीडी), जैव-ऊर्जा और भूमिगत कोयला गैसीकरण (यूसीजी) को शामिल करते हुए एक एकीकृत ऊर्जा रणनीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के 70 प्रतिशत से अधिक हिस्से को आयात से पूरा करता है, जिससे देश भू-राजनीतिक अस्थिरता एवं कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो जाता है।
अंबानी ने कहा, “यह स्थिति दीर्घावधि में टिकाऊ नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि भारत अपनी लगभग पूरी ऊर्जा जरूरतों का उत्पादन स्वयं करे, वह भी किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल तरीके से।”
उन्होंने कहा कि रिलायंस का बीपी के साथ संयुक्त उद्यम वर्तमान में देश के घरेलू गैस उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत उपलब्ध करा रहा है। रिलायंस ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अन्वेषण और उत्पादन में निवेश जारी रखेगी।
रिलायंस के जामनगर स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी परिसर में वैश्विक कच्चे तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद लगभग पूर्ण क्षमता के साथ संचालन जारी रहा। इस दौरान घरेलू एलपीजी आपूर्ति भी बढ़ाई गई।
रिलायंस समूह उच्च मूल्य वाले रसायन उत्पादन का भी विस्तार कर रहा है। गुजरात के दहेज में 30 लाख टन पीटीए संयंत्र, हजीरा में कार्बन फाइबर संयंत्र और नागोठाणे में 12 लाख टन पीवीसी संयंत्र जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने कहा कि कंपनी रिफाइनिंग परिचालन में स्वचालन और कृत्रिम मेधा (एआई) के उपयोग को भी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जामनगर को दुनिया की पहली पूरी तरह स्वचालित रिफाइनरी में बदलने का लक्ष्य है।
रिलायंस के भविष्य में होने वाले निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में होगा। जामनगर स्थित धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल का उत्पादन शुरू हो चुका है और कंपनी 20 गीगावाट वार्षिक क्षमता का लक्ष्य रख रही है।
बैटरी विनिर्माण के तहत 40 गीगावाट-घंटा क्षमता का पहला चरण इस वर्ष चालू होने की उम्मीद है, जिसे आगे बढ़ाकर 120 गीगावाट-घंटा किया जाएगा।
कच्छ क्षेत्र में 5.5 लाख एकड़ में विकसित हो रहा नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र के पूरी तरह चालू होने पर सालाना 40 अरब यूनिट से अधिक बिजली पैदा होगी, जो देश की वर्तमान खपत का लगभग तीन प्रतिशत है।
रिलायंस हरित हाइड्रोजन और हरित रसायन परियोजनाओं को भी आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने हरित अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ तीन अरब डॉलर का दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता किया है और जापान, दक्षिण कोरिया एवं यूरोप में खरीदारों से बातचीत चल रही है।
कंपनी को स्वच्छ ऊर्जा में निवेश से समय के साथ करीब दो लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
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