एलपीजी की बुकिंग सामान्य स्थिति की तरफ, घरेलू आपूर्ति में सुधार

Ads

एलपीजी की बुकिंग सामान्य स्थिति की तरफ, घरेलू आपूर्ति में सुधार

  •  
  • Publish Date - April 17, 2026 / 08:06 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 08:06 PM IST

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) देश में रसोई गैस (एलपीजी) की मांग अब धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट रही है क्योंकि घरेलू आपूर्ति बढ़ी है और गर्मियों की शुरुआत के साथ मांग में कमी आई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह बात कही।

पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से भारत में भी एलपीजी की उपलब्धता पर असर पड़ा था। इसके बाद सरकार ने घरेलू रसोई उपयोग को प्राथमिकता देते हुए होटल एवं रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को आपूर्ति में कटौती कर दी थी।

इस कदम से उपभोक्ताओं में घबराहट बढ़ी और पिछले महीने दैनिक बुकिंग बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गई जबकि सामान्य समय में प्रतिदिन करीब 45 लाख सिलेंडर की ही बुकिंग होती है।

कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान निकलने वाले पेट्रोरसायन उत्पादों का इस्तेमाल एलपीजी उत्पादन में करने जैसे कदमों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40-50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई। इससे घरों तक गैस आपूर्ति पहुंचाने की स्थिति में सुधार हुआ।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि वर्तमान में दैनिक सिलेंडर बुकिंग 46-50 लाख के बीच हो रही है।

उन्होंने कहा, “16 अप्रैल को करीब 50 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचाए गए। आपूर्ति सामान्य है और आंकड़े स्थिति के धीरे-धीरे सामान्य होने का संकेत देते हैं।”

शर्मा ने कहा कि गर्मियों की शुरुआत होने से भी गैस की मांग में कमी आई है। हालांकि उन्होंने मांग में आई कमी का कोई ब्योरा नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि घरेलू गैस वितरण पूरी तरह सामान्य है और वितरक स्तर पर किसी किल्तत की सूचना नहीं है। कुल मांग में से करीब 98 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जबकि 90 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी प्रमाणित होने से दुरुपयोग पर रोक लगी है।

इसके अलावा, वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति भी अब संकट-पूर्व स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि 23 मार्च से अब तक बिना घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं- प्रवासी, छात्र एवं छोटे व्यवसायों को पांच किलोग्राम के 16.41 लाख से अधिक सिलेंडर बेचे गए हैं।

सरकार ने पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है और शहर गैस वितरकों को वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों तक इसका विस्तार करने के निर्देश दिए हैं।

इस दिशा में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, महनगर गैस लिमिटेड, गेल गैस लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी कंपनियां प्रोत्साहन योजनाएं चला रही हैं।

सरकार ने कहा कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की गई है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण