बिहार में ईंट-भट्ठा संचालकों के लिए एकमुश्त समाधान योजना, ब्याज होगा माफ
बिहार में ईंट-भट्ठा संचालकों के लिए एकमुश्त समाधान योजना, ब्याज होगा माफ
पटना, 18 सितंबर (भाषा) बिहार सरकार ने वर्ष 2024-25 के ईंट-भट्ठा सत्र के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत बकाया मूलधन एकमुश्त जमा करने पर ब्याज की पूरी राशि माफ कर दी जाएगी।
खान एवं भू-तत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को बताया कि यह योजना 21 सितंबर से 20 दिसंबर, 2026 तक तीन महीने के लिए प्रभावी रहेगी और इससे राज्य के करीब 6,000 ईंट-भट्ठा संचालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि जिला खनन पदाधिकारियों ने प्रमाणपत्र वाद और प्राथमिकी की कार्रवाई के जरिये अब तक 27.28 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसके बावजूद 289.38 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसमें करीब 203 करोड़ रुपये मूलधन और 85 करोड़ रुपये ब्याज है।
कुमार ने कहा कि ईंट-भट्ठा संचालक लंबे समय से एकमुश्त भुगतान की सुविधा की मांग कर रहे थे।
उन्होंने संचालकों से निर्धारित अवधि में बकाया राशि जमा करने की अपील करते हुए कहा कि समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें पिछली व्यवस्था के अनुरूप मूलधन के साथ पूरा ब्याज भी चुकाना होगा।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में पत्थर, बालू या अन्य खनिजों का खनन होता है, वहां खनिज राजस्व का दो प्रतिशत जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) में जमा किया जाता है।
संशोधित नियमों के तहत अब डीएमएफ की 70 प्रतिशत राशि खनिज उत्खनन वाले प्रखंड में ही खर्च की जाएगी, जबकि 30 प्रतिशत राशि जिले के अन्य प्रखंडों में खर्च होगी। पहले यह अनुपात 60:40 था।
अब संबंधित जिले के सांसद, विधायक और विधान पार्षद भी जिला खनिज फाउंडेशन के सदस्य होंगे। मंत्री ने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास एवं जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
भाषा कैलाश जोहेब प्रेम
प्रेम

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