ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के लक्जरी होटल में नहीं मिल रहे कमरे, किराये में भारी उछाल

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के लक्जरी होटल में नहीं मिल रहे कमरे, किराये में भारी उछाल

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के लक्जरी होटल में नहीं मिल रहे कमरे, किराये में भारी उछाल
Modified Date: August 30, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: August 30, 2026 1:26 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के लक्जरी होटल बाजार में कमरों की उपलब्धता में कमी और किराये में भारी उछाल देखा जा रहा है। कई प्रमुख होटल में महत्वपूर्ण तारीखों के लिए या तो कमरे उपलब्ध नहीं हैं या फिर एक रात का किराया छह अंक (लाखों रुपये) में मांगा जा रहा है।

होटल बुकिंग मंच पर 11-13 सितंबर के लिए की गई पड़ताल में नयी दिल्ली के होटल ताज महल और ताज पैलेस में कोई कमरा उपलब्ध नहीं दिखा, जबकि द ओबेरॉय (नयी दिल्ली) इस दौरान कुछ हिस्सों के लिए पूरी तरह बुक था। द लीला पैलेस नयी दिल्ली इन तारीखों के लिए बुकिंग स्वीकार नहीं कर रहा था।

आईटीसी मौर्य (नयी दिल्ली) और शांगरी-ला इरोज नयी दिल्ली जैसी संपत्तियों में जो कमरे उपलब्ध थे, उनके लिए असाधारण रूप से ऊंचा किराया मांगा जा रहा था, जो 12-13 सितंबर के शिखर सम्मेलन के आसपास राजधानी में ठहरने के लिए भारी प्रीमियम को दर्शाता है।

इस दो दिवसीय आयोजन के चलते होटल के लिए कई दिनों की मांग पैदा हो रही है, क्योंकि प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक शिखर सम्मेलन से पहले पहुंच रहे हैं और अपने प्रवास को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे मध्य दिल्ली में कमरों की उपलब्धता पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी की पूर्व-नियोजित यात्राओं वाले पर्यटकों, व्यापारिक यात्रियों और परिवारों को ठहरने के लिए काफी अधिक खर्च करना पड़ सकता है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय होटल उद्योग पश्चिम एशिया संघर्ष सहित भू-राजनीतिक तनाव के बीच आयोजनों से जुड़ी यात्राओं और घरेलू मांग की ओर देख रहे हैं।

रैडिसन होटल ग्रुप के प्रबंध निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी-सीओओ (दक्षिण एशिया) निखिल शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘सितंबर में मजबूत गति दिख रही है, हमारे पूरे पोर्टफोलियो में औसत कमरे की दरें सालाना आधार पर 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ रही हैं। नयी दिल्ली में आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन बढ़ी हुई मांग में योगदान दे रहा है।’’

उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन नजदीक आने के साथ मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि कई यात्रियों द्वारा आयोजन की तारीखों के करीब अंतिम समय में बुकिंग करने की संभावना है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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