ई-रिक्शा से मछली की बिक्री के प्रस्ताव पर विचार कर रही है महाराष्ट्र सरकार
ई-रिक्शा से मछली की बिक्री के प्रस्ताव पर विचार कर रही है महाराष्ट्र सरकार
मुंबई, 26 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ‘मछली बिक्री ई-रिक्शा योजना’ शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस योजना का मकसद मछली के खुदरा बाजारों को आधुनिक बनाना और मछुआरों की कमाई बढ़ाना है।
यहां मंत्रालय में हुई एक बैठक में राणे ने कहा कि इस प्रस्ताव में मत्स्य पालन विभाग की मछली बिक्री स्टॉल योजना के तहत लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी देना और ई-रिक्शा-आधारित मछली बिक्री मॉडल लागू करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक स्वच्छ, आधुनिक और ग्राहक-अनुकूल मछली विपणन प्रणाली तैयार करना है।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत प्रस्तावित परियोजना लागत प्रति लाभार्थी लगभग चार लाख रुपये है।
राणे ने कहा कि अमरावती जिले में वर्तमान में 80 पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियां हैं, जिनमें लगभग 500 से 700 सक्रिय सदस्य मछली की खुदरा बिक्री के काम में लगे हुए हैं। हालांकि, मौजूदा मछली बाजारों में अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और अस्वच्छ स्थितियों के कारण मछली की गुणवत्ता प्रभावित होती है और मछुआरों को मिलने वाला मुनाफा कम हो जाता है।
मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार मछुआरों को बिक्री के पारंपरिक तरीकों से हटाकर एक आधुनिक और स्वच्छ व्यावसायिक मॉडल की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है। मछली बिक्री ई-रिक्शा योजना मछली विपणन को एक नया आयाम देगी। ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाली मछली मिलेगी, जबकि मछुआरों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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