ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा, कारोबार मॉडल में बदलाव जरूरीः विशेषज्ञ

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा, कारोबार मॉडल में बदलाव जरूरीः विशेषज्ञ

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा, कारोबार मॉडल में बदलाव जरूरीः विशेषज्ञ
Modified Date: May 27, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: May 27, 2026 10:11 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर जीएसटी लगाने को सही ठहराने के उच्चतम न्यायालय के फैसले से इस क्षेत्र की कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और उनके अस्तित्व के लिए लागत में कटौती एवं कारोबारी मॉडल में तेजी से बदलाव जरूरी होगा। कर विशेषज्ञों ने यह अनुमान जताया है।

शीर्ष अदालत ने राजस्व विभाग के पक्ष में फैसला देते हुए 28 प्रतिशत (अब 40 प्रतिशत) जीएसटी ढांचे को बरकरार रखा और दांव लगाने वाले ऑनलाइन गेम को सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में माना।

अगस्त, 2023 में जीएसटी परिषद ने स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन गेमिंग मंचों पर लगाए गए कुल दांव की राशि पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसके बाद कंपनियों को कम कर भुगतान के आरोप में नोटिस मिले, जिनकी कुल राशि एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का असर ड्रीम11, मोबाइल प्रीमियर लीग, गेम्स 24×7 और डेल्टा कॉर्प जैसी रियल-मनी गेमिंग कंपनियों पर पड़ेगा।

नांगिया ग्लोबल के कार्यकारी निदेशक (अप्रत्यक्ष कर) शिवकुमार रामजी ने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले ने गेमिंग उद्योग के कानूनी और व्यावसायिक परिदृश्य को मूल रूप से बदल दिया है और कई गेमिंग कंपनियों पर इसका तात्कालिक असर पड़ने का अनुमान है।

एकेएम ग्लोबल के प्रमुख (अप्रत्यक्ष कर) इकेश नागपाल का मानना है कि गेमिंग कंपनियों को अब बकाया मामलों के निपटान, ढांचे में बदलाव या कारोबार सीमित करने जैसे मुश्किल फैसले करने पड़ेंगे।

ईवाई इंडिया में कर साझेदार सौरभ अग्रवाल ने कहा, ‘दांव पर लगी समूची राशि पर जीएसटी, वह भी पिछली तारीख से लागू होने से, कंपनियों पर भारी वित्तीय बोझ डालता है और इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकता है।’

प्राइस वॉटरहाउस एंड कंपनी एलएलपी के नितिन विजयवर्गीय ने कहा कि यह फैसला पूर्व-प्रभाव से लागू होने वाला है, जिससे कंपनियों पर ब्याज और जुर्माने सहित बड़ी कर देनदारी बनेगी और उन्हें सितंबर 2025 से 40 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।

जीएसटी की 22 सितंबर 2025 से लागू संशोधित दरों के तहत ऑनलाइन गेमिंग को 40 प्रतिशत कर स्लैब में रख दिया गया है।

जीएसटी परिषद के स्पष्टीकरण से पहले ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां प्लेटफॉर्म शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी दे रही थीं, जो आमतौर पर दांव पर लगाई जाने वाली कुल राशि का पांच से 20 प्रतिशत होता था।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


लेखक के बारे में