मुंबई, 24 मार्च (भाषा) देश के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के 2028 तक संचयी रूप से सालाना सात प्रतिशत की दर से बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया।
फिक्की-ईवाई की मीडिया और मनोरंजन रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग में 2025 के अंत तक नौ प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और इसका आकार 2.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल मीडिया 2025 में मीडिया और मनोरंजन उद्योग का सबसे बड़ा हिस्सा बनकर उभरा और एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया। अकेले डिजिटल विज्ञापन ने 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 94,700 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
इसमें यह भी कहा गया है कि कुल मिलाकर विज्ञापन उद्योग 13.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.41 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘लाइव इवेंट’ खंड में 2025 में 44 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी। इसका मुख्य कारण टिकट वाले इवेंट, शादियों जैसे निजी समारोह, सरकारी कार्यक्रम और धार्मिक सभाओं पर अधिक खर्च था।
डिजिटल ‘सब्सक्रिप्शन’ राजस्व में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 16,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें भारत के 14.3 करोड़ घरों में 21.6 करोड़ ‘पेड वीडियो सब्सक्रिप्शन’ शामिल हैं।
म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म द्वारा पेड उपयोग को प्रोत्साहित करने के उपायों के बाद पेड म्यूजिक सब्सक्रिप्शन में 37 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1.44 करोड़ तक पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर गिरावट के बावजूद, भारत में प्रिंट मीडिया का दबदबा बना रहा। विज्ञापन राजस्व में 2025 में दो प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त, 2025 से लागू मनी गेमिंग पर प्रतिबंध के बाद वीडियो गेम में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है।
भाषा रमण अजय
अजय