आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बीते वित्त वर्ष बजट आवंटन का 99.78 प्रतिशत किया उपयोग

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बीते वित्त वर्ष बजट आवंटन का 99.78 प्रतिशत किया उपयोग

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बीते वित्त वर्ष बजट आवंटन का 99.78 प्रतिशत किया उपयोग
Modified Date: August 11, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:49 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित बजट अनुमान का 99.78 प्रतिशत उपयोग किया है। मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 में 57,203.78 करोड़ रुपये के संशोधित बजट अनुमान के मुकाबले 57,075.19 करोड़ रुपये खर्च किए।

हालांकि, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने कहा कि औद्योगिक आवास योजना, राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (एनयूडीएम) और शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ) के लिए बजट अनुमान में प्रावधान किए जाने के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में इन योजनाओं के तहत कोई खर्च नहीं किया जा सका।

मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी की अध्यक्षता वाली समिति ने मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर अपनी रिपोर्ट पेश की।

रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने उसकी सिफारिशों के जवाब में योजना-वार खर्च का ब्योरा उपलब्ध कराया। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, योजनाओं पर कुल खर्च 53,096.53 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 52,978.83 करोड़ रुपये रहा। यानी कुल राशि का 99.78 प्रतिशत उपयोग हुआ है।

मेट्रो और परिवहन परियोजनाओं पर संशोधित अनुमान के बराबर 29,451 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी बजट का उपयोग शत प्रतिशत रहा।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत मंत्रालय ने 8,963.37 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 8,948.82 करोड़ रुपये खर्च किए, जो 99.84 प्रतिशत उपयोग है।

अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना के तहत 7,814.86 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 7,789.52 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी 99.68 प्रतिशत उपयोग हुआ।

इसी प्रकार, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत 2,000 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 1,945.47 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो 97.27 प्रतिशत उपयोग है।

मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना के लिए संशोधित आवंटन की पूरी राशि 571.98 करोड़ रुपये खर्च की।

पीएम-ई बस सेवा योजना के तहत 173.70 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 171.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी 98.39 प्रतिशत का उपयोग किया गया है।

हालांकि, औद्योगिक आवास योजना, राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन और शहरी चुनौती कोष के तहत कोई खर्च नहीं किया गया। इन तीनों योजनाओं के लिए संशोधित अनुमान में भी कोई राशि निर्धारित नहीं थी।

मंत्रालय ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) योजना के तहत 4,022.55 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 4,002.14 करोड़ रुपये खर्च किए।

समिति ने हालांकि कहा कि ऐसे समय जब देश में शहरीकरण की रफ्तार बढ़ रही है और शहरी बुनियादी ढांचे एवं सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, संशोधित अनुमानों में बड़ी कटौती चिंता का विषय बनी हुई है।

भाषा रमण अजय

अजय


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