मप्र मंत्रिमंडल ने 47,990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी
मप्र मंत्रिमंडल ने 47,990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी
भोपाल, 11 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के समग्र विकास को गति देने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को 47,990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123.81 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि भोपाल को महानगर के रूप में विकसित करने के लिए 44.83 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क के निर्माण के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी गई। सड़क का निर्माण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा तैयार मॉडल रियायत समझौते के तहत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना से औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
एचएएम के तहत कुल निर्माण लागत (जीएसटी सहित) का 40 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से वहन किया जाएगा।
शेष 60 प्रतिशत राशि का भुगतान राज्य के बजट से परिचालन अवधि के दौरान 15 वर्ष तक छह-छह महीने की वार्षिकी के रूप में किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि भूमि अधिग्रहण और अन्य कार्यों सहित निर्माण-पूर्व गतिविधियों तथा पर्यवेक्षण शुल्क के लिए 364.41 करोड़ रुपये की राशि भी राज्य के बजट से खर्च की जाएगी।
भोपाल-विदिशा (राज्य राजमार्ग-28) मार्ग अयोध्या बाईपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सुखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से होकर भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है।
अधिकारी ने कहा कि रायसेन जिले में स्थित सांची स्तूप महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है और यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी है। कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के किलोमीटर 24.550 से होकर गुजरती है। इस दृष्टि से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
अन्य फैसलों में मंत्रिमंडल ने सीहोर जिले के भाऊखेड़ी गांव में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान को स्थायी पट्टे पर 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया।
अधिकारी ने बताया कि इस भूमि का उपयोग विशेष रूप से कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए किया जाएगा, जिससे प्रदेश में सोयाबीन की खेती के समग्र विकास में मदद मिलेगी।
मंत्रिमंडल ने कठिन परिस्थितियों में सामाजिक सेवा करने वाली महिला को दिए जाने वाले राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार की वार्षिक राशि दो लाख रुपये करने को भी मंजूरी दी।
अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2006 से दिए जा रहे रानी अवंतीबाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत (गैर-एसईसीसी लाभार्थी), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा एवं स्वच्छता सहित विभिन्न योजनाओं के निरंतर संचालन के लिए कुल 44,515.13 करोड़ रुपये मंजूर किए।
भाषा सं दिमो जितेंद्र अजय
अजय

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