एमएसएमई मंत्रालय का जीआई उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए डीपीआईआईटी से करार

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एमएसएमई मंत्रालय का जीआई उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए डीपीआईआईटी से करार

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 03:43 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 03:43 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भारतीय भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों के व्यावसायिक प्रोत्साहन और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक समझौता किया है। सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इस समझौते का उद्देश्य देश के कारीगरों, बुनकरों और उत्पादकों की आजीविका को मजबूत करने के साथ ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) व्यवस्था को बढ़ावा देना है। दोनों संगठन अपने कार्यक्रमों एवं योजनाओं में ओडीओपी को शामिल करने की दिशा में काम करेंगे।

इसके साथ ही, दोनों जीआई उत्पादों से जुड़े समूहों और अधिकृत उपयोगकर्ताओं को ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ओएनडीसी) तथा सरकारी ऑनलाइन खरीद मंच ‘जीईएम’ से जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

सरकार ने कहा कि इन उत्पादों को ‘भारत जीआई’ नाम से एक समर्पित मंच के तहत जोड़ा जाएगा। दोनों संगठन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, खरीदार-विक्रेता बैठकों तथा प्रदर्शनियों में जीआई उत्पादों के घरेलू और वैश्विक बाजार विस्तार के लिए विशेष जीआई मंडप को संयुक्त रूप से प्रायोजित भी करेंगे।

एमएसएमई मंत्रालय ने कहा कि यह सहयोग कारीगरों, बुनकरों और उत्पादक समूहों के लिए क्षमता निर्माण, डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और बाजार तक बेहतर पहुंच के जरिये देश की जीआई व्यवस्था को मजबूत करेगा।

मंत्रालय के अनुसार, इससे जीआई उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की दिशा में योगदान होगा।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय