लखनऊ, 11 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों के विरोध-प्रदर्शन और उनके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब से पहले मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र सवाल पूछने की आजादी देता है लेकिन जवाब सुनने का दायित्व भी निर्धारित करता है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोकतंत्र प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता देता है, तो उत्तर सुनने का दायित्व भी निर्धारित करता है। गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर सदन में विस्तारपूर्वक अपना पक्ष रखने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और समूचे विपक्ष से अपेक्षा है कि तथ्यों का सामना करे, सदन की गरिमा बनाए रखे और उत्तर को पूरा सुने।’’
योगी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं।’’
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा।
मौर्य ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘झूठ का तिलिस्म बुनना, निराधार आरोप लगाना और सच सामने आते ही मैदान छोड़कर भाग खड़ा होना, यही राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति की असलियत है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एक ही उसूल है, ‘‘झूठ बोलो, शोर मचाओ और जब केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथ्यों के साथ जवाब दें, तो संसद छोड़कर चले जाओ।’’
मौर्य ने आरोप लगाया, ‘‘पीढ़ियों तक देश को लूटने और जनता को गुमराह करने वालों’’ में इतना नैतिक साहस नहीं है कि वे तर्कों का सामना कर सकें।
उन्होंने कहा कि देश अब कांग्रेस के ‘‘झूठ, शोर और भ्रम की राजनीति’’ को भली-भांति पहचान चुका है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को कहा था कि सरकार देश भर में विद्यार्थियों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और अमित शाह इस बहस का जवाब देंगे।
उन्होंने कहा था कि विपक्ष को इस जवाब को शांतिपूर्वक सुनने का भरोसा देना होगा।
विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि गृह मंत्री पिछले महीने शहर में विरोध-प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में बयान दें।
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र