नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं, सामान की आपूर्ति और बाजार तक पहुंच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को डाक विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
कीटनाशक नमूनों के परीक्षण को सुगम बनाने के लिए एक दूसरे समझौता ज्ञापन पर ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी हस्ताक्षर किए।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि पहला समझौता दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के व्यापक नेटवर्क और भारतीय डाक विभाग के पूरे देश में फैले नेटवर्क को जोड़ता है। इसमें 1.5 लाख से अधिक ग्रामीण डाकघर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और डाक सेवकों का बड़ा नेटवर्क शामिल है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि इस सहयोग से स्वयं सहायता समूहों , महिला उद्यमियों, ग्रामीण व्यवसायों और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) तक एकीकृत वित्तीय और लॉजिस्टिक सेवाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान चौहान ने कहा कि अब 2.82 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों की कार्यकर्ता ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, और जल्द ही तीन करोड़ महिलाओं का लक्ष्य पूरा होगा, जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से अधिक होगी।
उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापनों से उनके लिए नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘इंडिया पोस्ट के साथ, बैंकिंग सुविधाएं हर गांव और घर तक पहुंचेंगी।’
सिंधिया ने कहा कि भारत डाक विभाग का नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा है, जिसमें लगभग 1.60 लाख डाकघर शामिल हैं, जिनमें से 1.40 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
उन्होंने बताया कि पहले कीटनाशक नमूनों की जांच के लिए 10‑15 दिन लगते थे, लेकिन अब हर नमूने पर क्यूआर कोड, ट्रैकिंग और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था के साथ 48‑72 घंटे में भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि दूसरा समझौता ‘लखपति दीदी’ योजना को और मजबूत करेगा। सभी दीदियों को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जोड़ा जाएगा, उन्हें प्रशिक्षण, टैबलेट, मशीन और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जिससे वे प्रति माह करीब 15,000 से ‑30,000 रुपए कमा सकेंगी।
भाषा योगेश रमण
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