नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) विदेशों में उतार-चढ़ाव के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को कारोबार का मिला-जुला रुख दिखा। सस्ते आयातित तेलों की भरमार के कारण सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई। वहीं नीचे भाव पर किसानों द्वारा बिकवाली नहीं करने से सोयाबीन तिलहन के भाव में मामूली सुधार आया। माल की कमी के बीच मूंगफली तेल-तिलहन अपरिवर्तित बंद हुए।
कारोबारियों ने बताया कि शिकॉगो एक्सचेंज और मलेशिया एक्सचेंज में मामूली घट-बढ़ चल रही है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी के आगे किसी तेल का टिकना मुश्किल हो गया है। सोयाबीन तेल का जो आयात हो रहा है वह बंदरगाहों पर लागत से कम भाव पर बेचा जा रहा है। ऐसे में देशी सूरजमुखी के साथ-साथ सरसों का खपना मुश्किल है। इस उहापोह का असर खरीफ तिलहन बुवाई के रकबे में कमी के संकेतों से लगाया जा सकता है।
सूत्रों ने कहा कि देश में मूंगफली और बिनौला के अच्छे माल की कमी है। इस कमी को केवल सूरजमुखी ही पूरा कर सकता है। आने वाले त्योहारों के सीजन को देखते हुए सरकार को यह निगरानी रखनी होगी कि यूक्रेन से रूस के समुद्री मार्ग परिवहन संबंधी समझौते के खत्म होने के बाद सूरजमुखी की आने वाले दिनों में कैसी उपलब्धता रहेगी।
उन्होंने कहा कि बंदरगाहों पर पाम पामोलीन तेल के लदे जहाज खड़े हैं और माल खाली होने तक जहाज खड़ा रखने के लिए आयातकों को शुल्क का भुगतान करना होगा। उधर, सहकारी संस्था हेफेड ने मिलवालों को सरसों की बिक्री करने के लिए निविदा मंगायी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सरसों के बाजार के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम चल रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी तेल का आयात करने में दाम 89 रुपये लीटर के भाव पड़ता है और रिफाइंड करने वाली कंपनियां इसे 83 रुपये लीटर के थोकभाव से बेच रही हैं। इसका अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 105-108 रुपये होना चाहिये लेकिन उपभोक्ताओं को यह तेल 135-145 रुपये लीटर के दाम पर मिल रहा है। यानी उपभोक्ताओं को तेल सस्ता नहीं मिल रहा है। इन सब बातों का ध्यान रखने की जरुरत है। दूसरी ओर देशी सूरजमुखी तेल 6,700 रुपये के एमएसपी के हिसाब से 155 रुपये लीटर पड़ता है तो देशी सूरजमुखी तेल कौन खरीदेगा ?
शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 5,700-5,750 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 7,865-7,915 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 18,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,735-3,020 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,775 -1,870 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,775 -1,885 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,220 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,020 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,950 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,050-5,145 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,815-4,910 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय