मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार में 157 करोड़ रुपये में ‘क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक’ हासिल किया

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मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार में 157 करोड़ रुपये में 'क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक’ हासिल किया

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 03:28 PM IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार के खनन एवं भूविज्ञान विभाग की ई-नीलामी में नवादा जिले में 157 करोड़ रुपये में ‘क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक’ हासिल किया है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कंपनी ‘प्रीमिक्स्ड रैमिंग मास’ नाम की सामग्री बनाती है, जिसका इस्तेमाल इंडक्शन भट्टियों को तेज गर्मी और पिघले इस्पात से बचाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से द्वितीयक इस्पात उद्योग में होता है।

कंपनी ने बयान में कहा कि इस अधिग्रहण के साथ उसके कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ है। यह कंपनी की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है।

पांच साल के लिए आवंटित इस ब्लॉक की स्वीकृत खनन क्षमता 7.10 लाख टन सालाना है। इस तरह पट्टे की पूरी अवधि में कुल 35.50 लाख टन खनन क्षमता होगी।

कंपनी ने कहा कि इस अधिग्रहण से उसे अपनी प्रमुख कच्चे माल की जरूरतों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और अगले पांच साल के लिए कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव करने में मदद मिलेगी। यह ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी सिलिका रैमिंग मास के विनिर्माण की क्षमता बढ़ा रही है।

समूह की कुल विनिर्माण क्षमता बढ़कर 5.76 लाख टन सालाना होने की उम्मीद है।

कंपनी ने कहा कि वैधानिक मंजूरियां अगले तीन-चार महीने में मिलने की उम्मीद है और वाणिज्यिक परिचालन फरवरी-मार्च 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है।

बयान के अनुसार, 157 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पांच साल में किस्तों में किया जाएगा। खनन कार्य अनुभवी राष्ट्रीय खनन ठेकेदारों के जरिये प्रति टन उत्पादन के आधार पर कराया जाएगा। इससे कंपनी का प्रत्यक्ष बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय सीमित रहेगा।

मोनोलिथिस इंडिया के प्रबंध निदेशक हर्ष टेकरीवाल ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि कच्चे माल की आपूर्ति को अपने नियंत्रण में लेने की हमारी प्रक्रिया पूरी हो गई है और हमारे पास अतिरिक्त कच्चे माल की क्षमता भी उपलब्ध है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इससे नए संयंत्र के शुरू होने के साथ तेजी से बढ़ने वाली हमारी कच्चे माल की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। कंपनी खासकर पूर्वी और मध्य भारत में घरेलू एकीकृत द्वितीयक इस्पात समूहों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।’’

भाषा योगेश रमण

रमण