कोलकाता, 11 सितंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कोलकाता में कथित अवैध निर्माणों की शुक्रवार को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के आदेश दिए।
शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण का दावा करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने कोलकाता नगर निगम से सवाल किया कि नगर निकाय ने इस संबंध में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे और न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने सीबीआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कम से कम 42 ऐसे अवैध निर्माण हैं, जहां स्वामित्व (मालिकाना हक) स्थापित नहीं है।
खंडपीठ ने सीबीआई से 14 अक्टूबर को अदालत के समक्ष एक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा। उसी दिन इस मामले में अगली सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ता ने यह दावा किया कि ऐसे अवैध निर्माणों में भारी मात्रा में बेहिसाबी पैसा शामिल हो सकता है, साथ ही इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल भी जुड़ा हुआ है।
याचिकाकर्ता ने ऐसे अवैध निर्माणों की सीबीआई जांच की मांग की है।
भाषा शोभना दिलीप
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