कारोबारी धारणा बिगड़ने से बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन में गिरावट

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कारोबारी धारणा बिगड़ने से बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन में गिरावट

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 11:00 AM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 11:00 AM IST

नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) तेल-तिलहन बाजार में कारोबारी धारणा बिगड़ने से बीते सप्ताहांत देश के तेल-तिलहन बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम लड़खड़ाते दिखे, जिससे इनके दाम में गिरावट आई। अच्छी गुणवत्ता के मूंगफली तेल और मूंगफली की साबुत खाने की मांग के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम मजबूत बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि वैसे तो समीक्षाधीन सप्ताह में सामान्य घट-बढ़ जारी था लेकिन सप्ताहांत में अमेरिका-भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की खबर के बाद बाजार कारोबारियों में अमेरिका से सोयाबीन तेल के शुल्कमुक्त आयात की अफवाह फैलने से तेल-तिलहन बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई और बाजार में अफरा-तफरी मच गई जिससे तेल-तिलहनों के दाम में गिरावट देखी गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते की सूचना फैलते ही कारोबारियों में यह अफवाह जोर पकड़ने लगा कि इससे भारत में अमेरिकी सोयाबीन तेल का शुल्क मुक्त आयात बढ़ेगा। इससे कारोबारियों के हौसले पस्त हो गये।

सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन के मामले में सारा कारोबार बाजार धारणा के आधार पर चलता है। हालांकि अभी इस समझौते को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है लेकिन अंतरिम समझौते में जिन शर्तो को रखा गया है, उसके हिसाब से कई अमेरिकी खाद्य वस्तुओं का भारत की ओर से शुल्क मुक्त आयात किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि सरसों का दाम ऊंचा होने से इसमें कारोबार प्रहले से कमजोर था। इसके अलावा सरसों की नयी फसल भी आने को तैयार है। इस बीच भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता की खबर के बाद कारोबारी धारणा बिगड़ने से सरसों के दाम, और दवाब में आ गये तथा बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन में गिरावट दर्ज हुई।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन के शुल्क मुक्त आयात की अफवाह के बीच बीते सप्ताहांत बाजार में हड़कंप रहा। लेकिन बाजार की आगे की क्या स्थिति होगी, इसके लिए थोड़ा इंतजार करने की आवश्यकता है। फिलहाल कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5,328 रुपये क्विंटल है। लेकिन बढ़ती मांग के कारण 10-15 दिन पहले महाराष्ट्र के जिन सोयाबीन प्लांट वालों ने, सोयाबीन का दाम बढ़ाकर लगभग 6,200 रुपये क्विंटल कर दिया था, उन्होंने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते की खबर और सोयाबीन के शुल्क मुक्त आयात की अफवाह के बाद यह दाम घटाकर लगभग 5,850 रुपये क्विंटल कर दिया। इसी प्रकार 10-15 दिन पहले महाराष्ट्र की मंडियों में सोयाबीन का हाजिर दाम जो 5,750-5,800 रुपये क्विंटल था, विगत शनिवार को वह भाव घटकर 5,300-5,400 रुपये क्विंटल रह गया। हालांकि, गिरावट के बावजूद महाराष्ट्र में प्लांट वालों का खरीद दाम और हाजिर मंडियों का दाम अभी भी एमएसपी के आसपास है लेकिन मध्य प्रदेश में सोयाबीन के दाम एमएसपी से नीचे चले गये हैं।

उन्होंने कहा कि पाम-पामोलीन के शुल्क में फिलहाल कोई फेर-बदल नहीं है और आगे इन तेलों के मामले में बाजार के रुख का पता, सोमवार को मलेशिया एक्सचेंज के खुलने के बाद ही लगेगा। लेकिन बीते सप्ताह जाड़े की कमजोर मांग तथा कुल कारोबारी धारणा के प्रभावित रहने के बीच पाम-पामोलीन में गिरावट दर्ज हुई।

सूत्रों ने कहा कि कमजोर कारोबारी धारणा के बीच बिनौला तेल के दाम भी पर्याप्त गिरावट के साथ बंद हुए।

उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह अच्छी गुणवत्ता के मूंगफली की बढ़ती मांग के बीच केवल मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 200 रुपये की गिरावट के साथ 6,950-6,975 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दादरी मंडी में बिकने वाला सरसों तेल 550 रुपये की गिरावट के साथ 14,250 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 75-75 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,400-2,500 रुपये और 2,400-2,545 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के थोक भाव क्रमश: 125-125 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 5,600-5,650 रुपये और 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

इसी प्रकार, दिल्ली में सोयाबीन तेल 100 रुपये की गिरावट के साथ 14,600 रुपये प्रति क्विंटल, इंदौर में सोयाबीन तेल 50 रुपये की गिरावट के साथ 14,200 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल का दाम 50 रुपये की गिरावट के साथ 11,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

उन्होंने कहा कि बाजार के आम रुख के उलट, जाड़े में साबुत खाने और अच्छी गुणवत्ता के खाद्य तेल की मांग बढ़ने से अकेले मूंगफली तेल-तिलहन की कीमतों में सुधार देखा गया। मूंगफली तिलहन 50 रुपये सुधरकर 7,000-7,375 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 250 रुपये के सुधार के साथ 17,100 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 40 रुपये के सुधार के साथ 2,725-3,025 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।

बीते समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 150 रुपये की गिरावट के साथ 11,900 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 150 रुपये की गिरावट के साथ 13,825 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 150 रुपये की गिरावट के साथ 12,725 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

गिरावट के आम रुख के बीच, समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल के दाम भी 250 रुपये की गिरावट के साथ 13,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश पाण्डेय