नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) देश में मोटर वाहन की कुल खुदरा बिक्री अप्रैल में 12.94 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 26,11,317 इकाई रही जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 23,12,221 इकाइयां रही थी। उद्योग निकाय फाडा ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
‘फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स’ (फाडा) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती से, केंद्रीय बैंक की सहायक ब्याज दर नीति, मजबूत रबी फसल के बाद ग्रामीण नकदी प्रवाह जैसे सकारात्मक कारकों ने उद्योग को मजबूत प्रदर्शन में मदद की।
यात्री वाहन (पीवी) की खुदरा बिक्री पिछले महीने रिकॉर्ड 4,07,355 इकाई रही जो अप्रैल 2025 के 3,63,028 इकाइयों की तुलना में 12.21 प्रतिशत अधिक है।
दोपहिया वाहनों की बिक्री भी अप्रैल में अब तक के सर्वाधिक मासिक स्तर 19,16,258 इकाइयों पर पहुंच गई। यह पिछले वर्ष के इसी महीने की 16,95,638 इकाइयों की तुलना में 13.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
फाडा ने बताया कि तिपहिया वाहनों की बिक्री अप्रैल 2025 की 99,741 इकाइयों के मुकाबले 7.19 प्रतिशत बढ़कर 1,06,908 इकाई पर पहुंच गई।
वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री भी अप्रैल 2025 के 86,364 इकाइयों से 15.02 प्रतिशत की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 99,339 इकाई रही।
फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा, ‘‘ भारतीय मोटर वाहन खुदरा उद्योग ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बेहद मजबूत तरीके से की है। अप्रैल 2026 में 26,11,317 इकाइयों की बिक्री हुई जो सालाना आधार पर 12.94 प्रतिशत की वृद्धि है। यह अप्रैल में दर्ज हमारी सार्वधिक बिक्री है।’’
उन्होंने कहा कि छह में से पांच वाहन श्रेणियों में अप्रैल में अब तक के सर्वोच्च रिकॉर्ड दर्ज किए गए, जो यह दर्शाता है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में दिखी संरचनात्मक मांग नए वित्त वर्ष में भी जारी है।
अगले तीन महीनों के परिदृश्य पर फाडा ने कहा कि 50.90 प्रतिशत डीलर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं जो अप्रैल-जून 2026 के लिए पिछले सर्वेक्षण में 49.81 प्रतिशत आंकी गई थी।
फाडा ने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर अगले तीन महीनों का परिदृश्य संतुलित लेकिन सतर्क रूप से आशावादी है। वृद्धि की गति बरकरार है। उद्योग मजबूत चौथी तिमाही के बाद मध्य वर्ष की संतुलित अवस्था में प्रवेश कर रहा है जिससे उम्मीदें सामान्य हो रही हैं, कमजोर नहीं।’’
फाडा ने हालांकि आगाह किया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा कई राज्यों में सामान्य से अधिक गर्मी की भविष्यवाणी, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और उसके ईंधन कीमतों पर संभावित प्रभाव तथा कुछ मॉडल की आपूर्ति में बाधाएं दोपहिया खंड के लिए जोखिम कारक हैं।
पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के अलावा वाणिज्यिक वाहन खंड में नकदी भी एक महत्वपूर्ण कारक रहेगी जिस पर नजर रखनी होगी।
भाषा निहारिका मनीषा
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