नारा लोकेश ने डब्ल्यूईएफ में वैश्विक ऊर्जा कंपनियों को निवेश के लिए किया आमंत्रित

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नारा लोकेश ने डब्ल्यूईएफ में वैश्विक ऊर्जा कंपनियों को निवेश के लिए किया आमंत्रित

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 03:52 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 03:52 PM IST

दावोस (स्विट्जरलैंड), 22 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, शिक्षा और कौशल विकास मंत्री नारा लोकेश ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक के दौरान वैश्विक ऊर्जा दिग्गजों के साथ अलग से बैठकें कीं। उन्होंने राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, हरित ईंधन और बंदरगाह आधारित औद्योगिक विकास के लिए एक बेहतर निवेश केंद्र के रूप में पेश किया।

लोकेश ने निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से ‘पवन-चक्की’ विनिर्माता ‘वेस्टास’, भारत के ‘आरपीएसजी ग्रुप’ और जापान के ‘जेईआरए’ के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की।

वेस्टास के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोर्टन डायरहोम के साथ चर्चा में लोकेश ने कंपनी को आंध्र प्रदेश के बंदरगाहों के निकट विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने का निमंत्रण दिया।

उन्होंने राज्य के बंदरगाह आधारित औद्योगिक क्षेत्रों और पवन ऊर्जा के लिए प्रस्तावित ‘सेंटर फॉर विंड एनर्जी’ के जरिए प्रशिक्षित कार्यबल की उपलब्धता पर जोर दिया।

लोकेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने वेस्टास को बंदरगाहों के पास पवन चक्की के ब्लेड और नैसेल विनिर्माण इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें राज्य का उभरता विनिर्माण परिवेश सहयोग करेगा।

आरपीएसजी समूह के वाइस-चेयरमैन शाश्वत गोयनका के साथ बैठक में लोकेश ने समूह की 349.8 मेगावाट की पवन परियोजना की समीक्षा की और हाइब्रिड नवीकरणीय समाधानों पर चर्चा की।

बातचीत में राज्य के कृषि आधार का लाभ उठाते हुए खाद्य प्रसंस्करण, समुद्री भोजन और ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादों में निवेश पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

दोनों पक्षों ने राज्य में खेल विकास के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स और मोहन बागान सुपर जायंट जैसे आरपीएसजी के खेल फ्रेंचाइजी के उपयोग पर भी चर्चा की।

लोकेश ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि चर्चा का उद्देश्य आरपीएसजी की पवन परियोजना में तेजी लाना और औद्योगिक क्षेत्रों को हरित ऊर्जा प्रदान करना है।

उन्होंने आरपीएसजी को राज्य की लंबी तटरेखा और कुशल श्रमबल का लाभ उठाकर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश के लिए प्रेरित किया।

जेईआरए के वैश्विक सीईओ युकियो कानी के साथ बैठक में लोकेश ने उन्हें ग्रीन अमोनिया उत्पादन में निवेश का न्योता दिया, ताकि आंध्र प्रदेश को एशियाई बाजारों के लिए निर्यात केंद्र बनाया जा सके।

उन्होंने लिखा कि रायलसीमा में हाइब्रिड परियोजनाओं और एपीजीईएनसीओ के साथ उत्सर्जन कम करने के पायलट परियोजनाओं पर भी सार्थक चर्चा हुई।

अंत में लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा बदलाव के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और नीतिगत स्पष्टता प्रदान करता है।

यह गतिविधियां आंध्र प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा और भविष्य के औद्योगिक विकास का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में अहम हैं।

भाषा सुमित रमण

रमण