काठमांडू, 21 जुलाई (भाषा) नेपाल सरकार ने मंगलवार को निजी शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर लगाए गए तीन प्रतिशत कर को व्यापक विरोध के बाद वापस ले लिया।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह फैसला आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ को लेकर उठी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले के साथ विचार-विमर्श के बाद सरकार ने फिलहाल इस कर को ‘फिलहाल’ लागू नहीं करने का निर्णय लिया है। पिछले महीने पेश बजट में इस कर का प्रस्ताव रखा गया था और यह 17 जुलाई से लागू हुआ था।
शाह ने कहा कि इस कर का उद्देश्य कर आधार बढ़ाना और अर्थव्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना था। हालांकि जनता, मीडिया और राजनीतिक दलों की ओर से तीखी आलोचना के बाद इस पर अमल रोक दिया गया।
नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह सरकार जन-केंद्रित है और लोगों के भरोसे एवं अपेक्षाओं पर आधारित है। हमारा मुख्य लक्ष्य सुशासन स्थापित करना और सभी नागरिकों को बेहतर जीवन देना है। सरकार जनता की चिंताओं को सुनते हुए एक समतापरक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सरकारी फैसले से जनता असंतुष्ट होती है, तो सरकार उस फैसले में संशोधन के लिए हमेशा तैयार रहेगी।
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