एनएचएआई ने 2026-27 में मौद्रीकरण के लिए 17 राजमार्ग खंडों को चिह्नित किया

एनएचएआई ने 2026-27 में मौद्रीकरण के लिए 17 राजमार्ग खंडों को चिह्नित किया

एनएचएआई ने 2026-27 में मौद्रीकरण के लिए 17 राजमार्ग खंडों को चिह्नित किया
Modified Date: May 28, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: May 28, 2026 4:43 pm IST

नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने वित्त वर्ष 2026-27 में टोल-संचालन-हस्तांतरण (टीओटी) और अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) मॉडल के तहत मौद्रीकरण (बाजार पर चढ़ाने) के लिए 1,692.5 किलोमीटर लंबाई वाली 17 राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों की पहचान की है।

सरकारी स्वामित्व वाले एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि ये राजमार्ग खंड हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सहित नौ राज्यों में फैले हुए हैं।

प्राधिकरण के मुताबिक, ये राजमार्ग आर्थिक और लॉजिस्टिक गलियारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें स्थापित यातायात क्षमता और मजबूत संपर्क सुविधा है।

बयान के मुताबिक, यह मौद्रीकरण प्रक्रिया टीओटी और इनविट मॉडल के तहत पारदर्शी और संरचित तरीके से की जाएगी। ये दोनों मॉडल दीर्घकालिक संस्थागत निवेश आकर्षित करने और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विस्तार में सफल रहे हैं।

हालांकि, सूची में वे राजमार्ग परिसंपत्तियां शामिल नहीं हैं जिन्हें 2026-27 के लिए राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) के जरिये मौद्रीकरण के लिए प्रस्तावित किया गया है।

इसके लिए चिह्नित राजमार्ग खंडों में एनएच-20 का हजारीबाग-बरही-कोडरमा (68.8 किमी), हरियाणा में एनएच-9 का दिल्ली/हरियाणा सीमा से रोहतक खंड (52 किमी), एनएच-38 का त्रिची-थुवारंकुरिची-मदुरै खंड (124.8 किमी) और एनएच-34 का अलीगढ़-कानपुर खंड (283.8 किमी) शामिल हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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