एनएचपीसी ने ‘हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी’ के विकास के लिए दो समझौते किये

एनएचपीसी ने ‘हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी’ के विकास के लिए दो समझौते किये

एनएचपीसी ने ‘हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी’ के विकास के लिए दो समझौते किये
Modified Date: November 29, 2022 / 08:05 pm IST
Published Date: July 15, 2022 8:17 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) सार्वजानिक क्षेत्र की जल विद्युत् कंपनी एनएचपीसी ने लेह और करगिल में ‘हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी’ के विकास को लेकर दो समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

बिजली मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘एनएचपीसी ने बृहस्पतिवार को पायलट हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के विकास के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह और करगिल जिलों में बिजली क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से किये गए है।’’

मंत्रालय के अनुसार, केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल आर.के. माथुर की उपस्थिति में इन दोनों समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

लेह जिले के लिए हुए समझौते के अनुसार, एनएचपीसी हाइड्रोजन उत्पादन समेत पायलट हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित ‘माइक्रोग्रिड’ के विकास पर विचार करेगी। इसके जरिये एनएचपीसी परिसर में निम्मो बाजगो बिजलीघर के ‘गेस्ट हाउस’ में बिजली जरूरतों को पूरा किया जाएगा।

वहीं, करगिल समझौते के तहत करगिल में उत्पादित हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन सेल में किया जाएगा। यह स्थानीय क्षेत्र में आठ घंटों तक दो बसों को चलाने में सक्षम होगा।

बयान के अनुसार एनएचपीसी लद्दाख में परिवहन, माइक्रो-ग्रिड आदि क्षेत्रों में हाइड्रोजन जरूरतों को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक स्तर पर हाइड्रोजन उत्पादन बढ़ाएगी।

भाषा जतिन रमण

रमण


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