नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) कौशल और प्रतिभा विकास कंपनी एनआईआईटी का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 70.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3.9 करोड़ रुपये रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि इस गिरावट का मुख्य कारण नए श्रम कानूनों के कार्यान्वयन से जुड़ी लागत रही।
एनआईआईटी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 13.3 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 3.3 प्रतिशत बढ़कर 101.36 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 98.11 करोड़ रुपये थी।
इससे पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी का मुनाफा कई गुना (188 प्रतिशत) बढ़ गया जबकि राजस्व में 3.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एनआईआईटी ने नए श्रम कानूनों को लागू करने के लिए 4.64 करोड़ रुपये की असाधारण लागत खर्च की।
एनआईआईटी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विजय के थडानी ने कहा, ‘‘मांग का माहौल फिलहाल सतर्क बना हुआ है, खासकर इसलिए क्योंकि उद्यमों में निर्णय लेने की प्रक्रिया लंबी होती जा रही है। इसके बावजूद एनआईआईटी ने सालाना आधार पर स्थिर राजस्व प्रदर्शन किया है।’’
भाषा योगेश अजय
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